बेमेतरा
बेमेतरा, 18 मई। रविवार को जमीन विवाद में प्रशासन की नाइंसाफी से नाराज पीडि़त राज्यपाल के काफिले के पीछे दौडऩे लगा। यह देखकर राज्यपाल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए काफिला रुकवाया और बुजुर्ग से ऐसा करने का कारण पूछा, तब बुजुर्ग ने बताया कि उसका नाम फारूक अली है। वह बाजार पारा का रहने वाला है। अपनी जमीन को बचाने के लिए वह बीते 13 दिनों से तहसील कार्यालय के पास भूख हड़ताल पर बैठा है। स्थानीय प्रशासन से उसे न्याय नहीं मिला, तब उनसे उनके काफिले के पीछे दौड़ लगाई ताकि अपनी परेशानी राज्यपाल को बता सके।
फिलहाल, राज्यपाल ने अली की व्यथा सुनकर उन्हें ढांढस बांधते हुए मामले की जांच करा कर नया दिलाने का आश्वासन दिया। दरअसल फारूक अली की वार्ड 21 में उनके पूर्वजों के नाम पर 100 साल पुरानी जमीन है।
आरोप है कि साबिर शेख नाम का एक व्यक्ति इस जमीन पर जबरन बाउंड्री बनाकर कब्जा कर रहा है।
जब अली ने इसकी शिकायत तहसील कार्यालय में की तो अधिकारियों ने मामले को सुलझाने के बजाय उस जमीन को सरकारी घास जमीन बता दिया।
<> पीडि़त का सीधा सवाल है कि अगर वह जमीन सरकारी है, तो दूसरे व्यक्ति को उस पर कब्जा करने और बाउंड्री वॉल बनाने की इजाजत कैसे मिल गई। उसने इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार सभी को आवेदन दिया, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो वह अनशन पर बैठ गए।


