बेमेतरा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 12 मई। बेमेतरा जिले में शिवनाथ नदी से वर्तमान में दो इंटकवेल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। एक इंटकवेल तक पानी पहुंचाने के प्रयास सफल नहीं हो सके, जिसके बाद जल संसाधन विभाग ने नादघाट में शून्य जल भराव की स्थिति घोषित की है।
जिस एनीकट के आधार पर इंटकवेल बनाया गया है, उसमें पिछले आठ वर्षों से रिसाव हो रहा है। इस वर्ष मरम्मत के लिए राज्य सरकार द्वारा राशि जारी की गई है, लेकिन शासकीय प्रक्रियाओं के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में नादघाट से नवागढ़ ब्लॉक के खारे पानी से प्रभावित गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।
शिवनाथ नदी के ताकम, बहेरघट, अमोरा, रांका, मऊ और अमलडीहा एनीकटों में जल भराव कम दर्ज किया गया है। जिले के कुल 14 एनीकटों में 11 मई तक 48 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया। दो वर्ष पूर्व मई माह में 92 प्रतिशत जल भराव दर्ज होने पर केंद्र सरकार द्वारा बेमेतरा जिला को जल प्रबंधन के लिए पुरस्कृत किया गया था।
जल संसाधन विभाग के ईई सीएस शिवहरे ने बताया कि जिले में किसी भी उद्योग को शिवनाथ नदी से पानी नहीं दिया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए दो एनीकटों के गेट खोले गए हैं, ताकि इंटकवेल तक पानी पहुंचाया जा सके। लगातार रिसाव के कारण नादघाट में जल भराव शून्य की स्थिति में पहुंच गया है।


