बेमेतरा
लोक अदालत में 13 हजार मामले निपटे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 10 मई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 13,029 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान कई वर्षों से लंबित विवादों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया।
कुटुंब न्यायालय में न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर के मार्गदर्शन में सात दंपत्तियों के बीच समझौता कराया गया। इनमें वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण और पारिवारिक मतभेद से जुड़े मामले शामिल थे। न्यायालय की काउंसलिंग और समझाइश के बाद संबंधित दंपत्तियों ने साथ रहने पर सहमति जताई।
जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया था। इनमें जिला न्यायालय बेमेतरा में नौ और तहसील न्यायालय साजा में एक खंडपीठ शामिल थी। प्रत्येक खंडपीठ में दो सुलहकर्ता सदस्य नियुक्त किए गए थे। लोक अदालत में पक्षकारों की सुविधा के लिए विधिक सहायता डेस्क, स्वास्थ्य डेस्क और विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। बैंक, विद्युत विभाग, नगर पालिका और बीएसएनएल से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया गया।
2.57 करोड़ की समझौता राशि
लोक अदालत में कुल 11,746 प्री-लिटिगेशन और लंबित प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए थे। इनमें राजस्व, बैंक, विद्युत और दूरसंचार से जुड़े मामलों में 34 लाख 48 हजार 951 रुपये की वसूली हुई। वहीं न्यायालय में लंबित आपराधिक, सिविल, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा और एनआई एक्ट के मामलों में 2 करोड़ 23 लाख 42 हजार 561 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। कुल मिलाकर 2 करोड़ 57 लाख 91 हजार 512 रुपये की समझौता राशि तय हुई।
मोटर दुर्घटना और अन्य मामलों का भी निपटारा
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों सहित कई व्यवहार वादों का निराकरण किया गया। एक मामले में दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को 22 लाख रुपये की राशि देने पर समझौता हुआ। वहीं 18 मोटर दुर्घटना दावा मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा कुल 73 लाख 25 हजार रुपये देने पर सहमति बनी।
एनआई एक्ट के एक चेक बाउंस मामले में 70 हजार रुपये के दावे का निपटारा 33 हजार रुपये में किया गया। इसके अलावा बैंक और फाइनेंस कंपनियों से जुड़े मामलों में भी समझौते के आधार पर प्रकरण समाप्त किए गए।
लोक अदालत में कई आपराधिक मामलों में भी पक्षकारों ने आपसी सहमति से राजीनामा किया। इनमें पुराने विवाद, मारपीट और गाली-गलौज से जुड़े मामले शामिल रहे।


