बेमेतरा
दुर्ग से स्थानांतरित हुए 150 प्रकरण, सुनवाई शुरू
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बेमेतरा, 12 मई। बेमेतरा जिले में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतिशोध आयोग रायपुर के मार्गदर्शन में बेमेतरा जिला उपभोक्ता न्यायालय का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने फीता काटकर न्यायालय का औपचारिक शुभारंभ किया गया। न्यायालय प्रारंभ होने से अब जिले के उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए रायपुर अथवा अन्य जिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग रायपुर के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौवडिया रहे। वही कार्यक्रम के अध्यक्षता जिला उपभोक्ता परिषद प्रतिशोध आयोग बेमेतरा के नवनियुक्त अध्यक्ष आनंद कुमार सिन्हा ने की। कार्यक्रम में सदस्य ओमप्रकाश चंद्राकर, सलमान सरीन, बार अध्यक्ष प्रणिश चौबे, अधिवक्ता संघ के सदस्य, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि जिला स्तर पर उपभोक्ता न्यायालय की स्थापना से लंबित मामलों में कमी आएगी तथा लोगों में उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। इस जिले की नायक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सरल, सुलभ और सम्बद्ध न्याय दिलाने प्रतिबद्ध - न्यायमूर्ति गौतम
न्यायमूर्ति गौतम चौवडिय़ा ने कहा कि उपभोक्ता न्यायालय का उद्देश्य आम नागरिकों को बाजार में होने वाली अनियमिताओं, दोषपूर्ण सीमाओं और भ्रामक व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका उपभोक्ताओं को सरल, सुलभ और समयबद्ध न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता - सिंघल
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल ने कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से सुनवाई की जाएगी और उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में किसी प्रकार के लापरवाही नहीं बढ़ती जाएगी। न्यायालय प्रारंभ होने के साथ ही दुर्ग जिले से लगभग 150 प्रकरण बेमेतरा स्थानांतरित किए गए हैं। उद्घाटन के पहले दिन ही दो मामलों की सुनवाई भी की गई। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में जिले के उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक राहत मिलने लगेगी।


