बेमेतरा

गिधवा-परसदा पक्षी विहार में जल संकट, स्थानीय पक्षियों पर भी असर
10-May-2026 11:03 PM
गिधवा-परसदा पक्षी विहार में जल संकट, स्थानीय पक्षियों पर भी असर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 10 मई। गिधवा-परसदा पक्षी विहार में जल संकट की स्थिति सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जल स्रोतों में पानी कम होने के कारण न केवल प्रवासी पक्षियों बल्कि स्थानीय पक्षियों पर भी असर पड़ रहा है।

क्षेत्र के ग्रामीणों के अनुसार, पक्षी विहार के आसपास स्थित जलाशयों और तालाबों में पहले पर्याप्त जलभराव रहता था, जिससे बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी यहां आते थे। उनका कहना है कि इस वर्ष कई जल स्रोतों में पानी कम होने से पक्षियों को भोजन और अनुकूल वातावरण मिलने में कठिनाई हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित पक्षी विहार क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है। उनका कहना है कि गर्मी बढऩे के साथ कई तालाब सूखने लगे हैं, जिससे पक्षियों की संख्या पर असर देखा जा रहा है।

ग्राम नगधा में बनाए गए कृत्रिम पक्षी मॉडल और हाल में विकसित सुविधाओं का भी उल्लेख किया जा रहा है। दिसंबर 2025 में यहां वल्र्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का उद्घाटन हुआ था। उस दौरान वन एवं अन्य विभागों द्वारा जैव विविधता संरक्षण पर जोर दिया गया था।

स्थानीय स्तर पर यह सुझाव भी सामने आया है कि शिवनाथ नदी से जल प्रबंधन की दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। कुछ ग्रामीणों ने नादघाट क्षेत्र में बैराज निर्माण तथा आसपास के तालाबों को भरने की व्यवस्था की मांग की है।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र के कुछ गांवों में भूजल खारा होने के कारण उसका उपयोग सीमित है। उनका कहना है कि ग्राम नगधा को अमलडीहा परियोजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है।

वन विभाग या प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


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