बेमेतरा

‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूती देगा जी राम जी योजना-चंदेल
10-Jan-2026 4:22 PM
‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूती देगा जी राम जी योजना-चंदेल

हर गरीब को रोजगार और गरिमा का सम्मान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 10 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में जी राम जी के संबंध में भाजपा की ओर से प्रेसवार्ता बुलाई गई। इस प्रेस वार्ता में पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरीहा, प्रहलाद रजक, महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी, जिलाध्यक्ष अजय साहू, हर्षवर्धन तिवारी आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम प्रभारी नारायण चंदेल ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य हर गरीब परिवार को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है। गरीब, जनजातीय और पिछड़ा वर्ग को मुख्यधारा से जोडऩे हेतु यह कानून लाया गया है। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी के विचारों और रामराज्य की भावना के अनुरूप है।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन द्वारा ‘विकसित भारत’ और भगवान राम के नाम पर राजनीति करने पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि देश 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा।रोजगार योजनाओं के नामकरण का इतिहास बताते हुए कहा गया कि कांग्रेस सरकारों ने योजनाओं को बार-बार नाम बदलकर राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया, जबकि मोदी सरकार में ‘नाम नहीं, काम बोलता है’।

नारायण चंदेल ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का वैश्विक मान-सम्मान, सीमा सुरक्षा, सेना का मनोबल और आत्मनिर्भरता अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है।कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश की लगभग 600 योजनाओं, संस्थानों और पुरस्कारों का नाम एक ही परिवार से जोड़ा गया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने योजनाओं को सेवा और कर्तव्य से जोड़ा।

 

कांग्रेस कितनी भी साजिश रचले , विकसित भारत बनके रहेगा-राहुल

प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरीहा ने कहा कि कांग्रेस कितनी भी साजिश रच ले, देश 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा। नई योजनाओं में कम के दिन ज्यादा होंगे तो मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार देने की गारंटी होगी, जबकि वन क्षेत्रों में कार्यरत एसटी श्रमिकों को अतिरिक्त 25 दिन का रोजगार मिलेगा।काम के दिन बढऩे के साथ ही मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाएगा।मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में खर्च हुए।

योजनाओं के नाम पर बदलकर गांधी परिवार पर रखे

इसी तरह आवास योजनाबका नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदलकर इंदिरा आवास योजना कर दिया था। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया। हर योजना में इन्होंने गांधी ( एक परिवार ) नेहरू का नाम जबरन डाले।


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