बेमेतरा

विद्यार्थी अपनी रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा देकर लक्ष्य हासिल कर सकते हैं- लेफ्टिनेंट राहुल वर्मा
09-Jan-2026 4:19 PM
विद्यार्थी अपनी रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा देकर लक्ष्य हासिल कर सकते हैं- लेफ्टिनेंट राहुल वर्मा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बेमेतरा, 9 जनवरी। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरतरा विकासखण्ड साजा में  5 जनवरी को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक निर्देशन कार्यक्रम रखा गया।

विद्यालयीन बच्चों को शिक्षा, नवाचार एवं कौशल विकास के माध्यम से उनमें छुपे हुए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रतिभा को निखारने के लिए और जिज्ञासा व रुचि को विशेषरूचि में रूपांतरित करने विद्यार्थी को सही स्तर 10वीं, 12वीं स्तर पर उनके लिए शैक्षणिक एवं व्यावसायिक निर्देशन प्राप्त हो जाए, तो वह विद्यार्थी या युवा समाज अपने सम्पूर्ण मानसिक, शारीरिक एवं बौद्धिक क्षमता सही दिशा में खपाकर अपने लक्ष्य को निश्चित ही प्राप्त कर सकते हैं। और समाज व राष्ट्र सेवा में योगदान कर सकता हैं।

मार्गदर्शक लेफ्टिनेंट राहुल वर्मा ने बच्चों की प्रेरणा बनने आर्मी ड्रेस में उपस्थित होकर निर्देशन किया। उन्होंने प्रारंभ मे ही 300 बच्चों को निर्देशन करते पूछा कि आप सभी 9वीं से 12 वीं के बच्चों अपनी अपनी विषय क्षेत्र रुचि बताये। तो बच्चे आत्मविश्वास की कमी से चुप रहे। कहा कि क्रम से जीवन में चलते हुए सफलता के विभिन्न पड़ाव होते हैं। जिसमें आपको कैरियर का चुनाव करने का विकल्प मिलता हैं पर एक समय के बाद कैरियर विकल्प खत्म हो जाता हैं। इसलिए बच्चों समय रहते कैरियर का चुनाव पढ़ाई करते करते कर लेना चाहिए।

उन्होंने निम्न क्षेत्र में सफलता के मंत्र बच्चों को बताए जिसे सुनकर सभी बच्चों का मन व रुचि से जागृत कर ध्यान से चर्चा में रम गए और निर्देशन के दौरान कई प्रश्न भी किए । निम्न क्षेत्र के विषय पर सफलता के विभिन्न पड़ाव को बारीकी से निर्देशन बच्चों को प्राप्त हुआ- बोर्ड परीक्षा में उत्तर कैसे लिखे ताकि अधिकतम अंक प्राप्त किए जा सके । कक्षा 12वीं के बाद क्या करें? इंडियन आर्मी और पुलिस भर्ती के लिए कोचिंग के नाम और ऐड्रेस। नीट, आईआईटी, नर्सिंग, फार्मा, पीएससी और व्यापम परीक्षा की जानकारी। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी। याद रखने की तकनीक और डेली पढऩे की मोटिवेशन।

 

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उन्होंने गाइड करते हुए बताया, बच्चों 3 घंटे पढ़ाई करने से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं शर्त हैं कि उस 3 घंटे में आप होमवर्क नहीं करेंगे, सिर्फ पढ़ाई-पढ़ाई। कक्षा 12वीं के बाद सेकंड एवं थर्ड ईयर को प्रतियोगी परीक्षा की बढ़ाई में खपाना पड़ेगा अर्थात् त्याग और समर्पण   और बिना कोचिंग सेंटर ज्वॉइन के किसी भी प्रतियोगी परीक्षाओं को निकाल नहीं सकते।

कार्यक्रम प्रभारी व्याख्याता कमलेश कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यालय में शैक्षणिक एवं व्यावसायिक निर्देशन कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास से अपनी स्वरुचि आगे की पढ़ाई में सफलता के मार्ग एवं कैरियर विकल्प चुनने के लिए बच्चों को सहयोग करने के उद्देश्य से यह नवाचार कार्यक्रम रखा गया। इससे विद्यार्थी निश्चित ही अपनी रचनात्मक प्रतिभा और ऊर्जा को सही दिशा में लगाकर अपनी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।


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