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बस्तर गोंचा पर्व: पूजन-हवन के साथ नेत्रोत्सव पूजा, विशेष भोग का अर्पण
19-Jun-2023 9:53 PM
बस्तर गोंचा पर्व: पूजन-हवन के साथ नेत्रोत्सव पूजा, विशेष भोग का अर्पण

आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
जगदलपुर, 19  जून।
बस्तर गोंचा पर्व 2023 में तय कार्यक्रम के अनुसार 5 से 18 जून तक श्रीजगन्नाथ स्वामी के अनसर काल अवधि के बाद 19 जून को भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के विग्रहों को श्रीमंदिर के गर्भगृह के सामने भक्तों के दर्शनार्थ स्थापित किए जाने के बाद 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के पदेन पाढ़ी-पानीग्राही के द्वारा शताब्दियों पुरानी परंपरानुसार नेत्रोत्सव पूजा विधान संपन्न करवाया गया।

पदेन पानीग्राही रधाकांत पानीग्राही ने बताया कि नेत्रोत्सव पूजा विधान की परंपरा का निर्वहन शताब्दियों से हमारे परिवार के द्वारा किया जा रहा है, नेत्रोत्सव पूजा की परंपरानुसार भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र के विग्रहों की साज-श्रृंगार के साथ विधि-विधान से पूजन-हवन के साथ संपन्न किया जाता है। अनसर काल अवधि के बाद भगवान को आज विशेष भोग का अर्पण किया गया, जिसे श्रृद्धालुओं में वितरित किया गया। 

उन्होंने बताया कि 15 दिनों के बाद भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के दर्शन एवं भोग प्रसाद का विशेष महत्व होता है, 20 जून को भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र स्वामी के 22 विग्रहों को रथारूढ़ कर रथयात्रा होगी।


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