बस्तर

ग्रामीण ने अपनी मां के लिए खरीदा 15 सौ रुपए में खून
19-Jun-2023 9:50 PM
ग्रामीण ने अपनी मां के लिए  खरीदा 15 सौ रुपए में खून

मेकाज में नहीं है ब्लड, 3 दिनों से मरीज घूम रहा था रक्त के लिए

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता 
जगदलपुर, 19  जून।
मेकाज में एक मरीज को मेकाज के ब्लड बैंक से खून नहीं मिलने पर उसके बेटे ने न सिर्फ अपना खून दिया बल्कि  बाहर निजी ब्लड बैंक से खून को खरीदना भी पड़ा।

ज्ञात हो कि नारायणपुर जिले के झारावाही में रहने वाले एक बेटे ने अपनी मां को बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया, लेकिन भर्ती होने के बाद उसकी मां को लगने वाले रक्त की पूर्ति मेकाज से नहीं हो पाने के कारण बेटे ने अपनी मां के लिए बाहर जाकर पहले अपना खून डोनेट करने के साथ ही 15 सौ रुपए देकर एक यूनिट रक्त को खरीदकर उसे वार्ड में जमा करवाया। 

मरीज सोनी बाई मंडावी (55 वर्ष) के बेटे सुखराम ने बताया कि उसकी मां को किडनी की परेशानी के चलते उसे 2 हफ्ते पहले मेकाज के महिला वार्ड 2 में भर्ती किया गया, जहां उसे पहले डायलिसिस करने की बात कही गई, जहां पहले में रक्त की जरूरत नहीं पड़ी, लेकिन जब दूसरी बार जब उसकी मां को एबी पॉजिटिव रक्त की जरूरत पड़ी, तो उसने मेकाज के रक्त बैंक में ब्लड के लिए गया, लेकिन 3 दिन तक खून नहीं होने की बात कहते हुए उसे एबी पॉजिटिव ब्लड उपलब्ध नहीं हो पाया। जिसके बाद सुखराम ने शहर में जाकर एक निजी ब्लड बैंक में जाकर अपना ए पॉजिटिव ब्लड डोनेट करने के साथ ही निजी ब्लड बैंक को 15 सौ रुपए भी दिया, जिसके बाद उसे रक्त दिया गया।
 
कहां गया डोनेट खून
ज्ञात हो कि मेकाज के अधिकारियों के द्वारा 14 जून रक्तदाता दिवस के एक दिन पहले से लेकर एक दिन बाद तक करीब 157 यूनिट रक्त डोनेट करवाया, लेकिन इसके बाद भी मेकाज में भर्ती मरीज को रक्त नहीं मिला।

समय समय पर लोग करते हंै रक्तदान
ज्ञात हो कि न सिर्फ रक्तदान दिवस बल्कि आमजन के द्वारा अन्य मौके पर भी रक्तदान किया जाता है, लेकिन ऐसे में मरीज को बाहर से रक्त खरीदना कहा तक संभव है।

अन टेस्ट बल्ड था हमारे पास
डॉ. के एल आजाद एचओडी ब्लड बैंक का कहना है कि हमारे पास जो ब्लड था वो अन टेस्ट था, जिसकी वजह से ब्लड नहीं दिया गया, अब चूंकि टेस्ट हो गया है, अब पर्याप्त बल्ड है हमारे पास। 


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