बस्तर
सुकमा जिले के गांव की रहने वाली थी मृतिका
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 11 जून। सुकमा जिले के ग्राम में रहने वाली युवती अपने दीदी-जीजा के घर घूमने के लिए आई हुई थी। इसी दौरान रात्रि में अचानक युवती को बेहोशी की हालत में देखा गया, जहां उसे अस्पताल न लाकर घर में रखा गया। रविवार की दोपहर को जब उसे मेकाज लाया जा रहा था, तब रास्ते में ही युवती की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने युवती के पीएम करने की बात कही, जहां पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने बताया कि सुकमा जिले के गांव की युवती अपने घर सुकमा से लोहंडीगुड़ा के ग्राम छोटे परोंदा में दीदी-जीजा के घर 9 जून को घूमने के लिए आई हुई थी।
जीजा के अनुसार 10 जून की रात्रि युवती शौच के लिए बाथरूम गई हुई थी, लेकिन जब वह वापस नहीं आई तो उसे देखने के लिए दीदी जीजा गए तो युवती जमीन पर गिरी हुई थी, लेकिन परिजनों ने उसे अस्पताल न ले जाकर घर पर ही रखा, जहां रविवार 11 जून को उसे एंबुलेंस के माध्यम से मेकाज लाया जा रहा था, जहां युवती ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवती की मौत को संदिग्ध मानते हुए उसका पीएम करने की बात कही गई।
पिता ने बताया कि 8 बेटी व 1 बेटे में मृतिका 6वें नंबर की थी, मृतका 10वीं तक की पढ़ाई करने के बाद पढ़ाई छोड़ कर घर के ही काम में व्यस्त रहती थी, लेकिन अपनी बहन के घर जाने के बाद अचानक से उसकी मौत की खबर आई, जिसके बाद पिता से लेकर परिवार के अन्य लोग घटना की जानकारी लगते ही जगदलपुर पहुंचे, जहां शव के पीएम के बाद अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाया गया है।


