बस्तर
मेकाज में परिचारिका कर्म. संघ की बैठक, अफसरों ने दिया आश्वासन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 11 जून। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्टाफ नर्स की कमी को लेकर छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के द्वारा 13 से लेकर 15 जून तक रोजाना दिन के 3 घंटे अपने कामों को बंद करते हुए काम का बहिष्कार करने की बात कही थी, जिसके बाद शनिवार को अधीक्षक कार्यालय में हुई बैठक के बाद स्टाफ नर्स ने अधिकारियों की बात को मानते हुए काम का बहिष्कार न करने की बात को कहते हुए कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं तो एक सप्ताह के बाद तीनों पाली में कार्य करने वाली स्टाफ नर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगीं।
छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ की उप प्रांताध्यक्ष अनशिला बैंस ने बताया कि 13 से 15 जून तक रोजाना सुबह 10 से लेकर 1 बजे तक काम को बंद करते हुए इसका बहिष्कार करने की बात कही गई थी, अगर जल्द ही मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तो संघ के द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मामले की जानकारी के बाद बस्तर कलेक्टर के दिशा निर्देश पर शनिवार को अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू के कक्ष में स्टाफ नर्स की बैठक आहुत हुई, जिसके डीन डॉ. यू एस पैकरा, डॉ. जॉन मसीह , डॉ. ठाकुर के अलावा सभी वार्ड की स्टाफ नर्स से लेकर प्रभारी मौजूद थे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस तरह से कार्य को छोडक़र बहिष्कार करना अच्छी बात नहीं है, 14 जून को मेकाज में ही इसी मामले को लेकर एक बैठक होनी है, जहां इन समस्याओं को लेकर चर्चा होगी, वहीं अधिकारियों ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 20 से ऊपर स्टाफ नर्स की भर्ती की जाने की बात कही गई है, जिसके बाद 2 घंटे तक बैठक के बाद स्टाफ नर्स ने यह निर्णय लिया है कि अगर आश्वासन के बाद भी अगर भर्ती नहीं होगी तो मेकाज में तीन पाली में संचालित होने वाले ड्यूटी को छोडक़र सभी स्टाफ नर्स हड़ताल में चली जाएगी।
स्टाफ नर्स ने यह भी बताया कि डिमरापाल में निरंतर स्टाफ की कमी एक बड़ा रूप ले चुकी है, जिसकी वजह से स्टाफ नर्स को अपनी क्षमता से अधिक काम करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से शारीरिक व मानसिक रूप से ग्रसित हो रहे हैं, इसके अलावा देखा जाए तो स्टाफ की कमी को लेकर कई बार अधिकारियों के पास मामले की जानकारी देने के बाद भी कोई भी परिणाम सामने नहीं आया है।


