बस्तर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 23 फरवरी । प्रदेश प्रधानमंत्री आवास को लेकर भारतीय जनता पार्टी, प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर बेहद आक्रामक राजनीतिक हमले कर रही है, इसके लिए बीजेपी प्रदेश भर में मोर आवास मोर अधिकार नामक अभियान छेड़ रखा है, जिसके तहत, प्रत्येक विधानसभा में जहां भी कांग्रेस के विधायक हैं उस विधानसभा में विधायक कार्यालय का घेराव किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में आज जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन के कार्यालय घेराव का कार्यक्रम बीजेपी ने निर्धारित किया था।
दरअसल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले 12 लाख मकानों से यह कहते हुए हाथ खींच लिया था कि चूंकि इस योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना है इसलिए इसमें लगने वाली समस्त राशि का वहन केंद्र सरकार करे, इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस योजना का राज्यांश भी बंद कर दिया जिसकी वजह से प्रदेश में बनने वाले 12 लाख से ज्यादा मकानों के बनने में ग्रहण लग गया और हितग्राहियों की एक बड़ी संख्या कांग्रेस सरकार के इस निर्णय से प्रभावित हो रही है।
हालांकि कांग्रेस सरकार के इस निर्णय पर बीजेपी ने त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी थी, परंतु संगठन में बदलाव के बाद बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाना शुरू किया। विधायक कार्यालय घेराव के दौरान बड़ी संख्या में जगदलपुर विधानसभा के प्रधानमंत्री आवास हितग्राही सम्मिलित हुए थे।
महिलाओं ने भी किया बेरिकेडिंग तोडऩे का प्रयास
बीजेपी के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला हितग्राही भी सम्मिलित हुई थी और वो काफी गुस्से में नजर आ रहीं थी नारेबाजी करते हुए कई महिलाएं पुलिस की बनाई बैरिकेडिंग पर चढ़ गई। और राज्य सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी करने लगीं ,महिला पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद उन महिलाओं को बेरिकेडिंग से उतारने में सफल हुई।
बीजेपी कार्यकर्ताओं से ज्यादा रही हितग्राहियों की भीड़
विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन होने के बाद भी बीजेपी के इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं से अधिक हितग्राहियों की संख्या थी, उसमें भी महिलाओं की संख्या ज्यादा रही ,हालांकि की बीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया, परंतु कार्यकर्ताओं की संख्या पार्टी की अपेक्षा अनुरूप नहीं थी।
नाम न जाहिर करने की शर्त पर बीजेपी के एक बड़े पाधिकारी ने बताया कि श्रेय लेने की होड़ के कारण कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन से दूरी बनाई।
कई बीजेपी नेता फोटोग्राफी में मस्त
प्रदर्शन के दौरान ये दृश्य भी सामने आया कि जहां एक पक्ष पुलिस की बेरिकेडिंग तोडऩे का भरसक कर रहा था वहीं दूसरा पक्ष सडक़ में खड़े होकर फोटोग्राफी में व्यस्त नजर आया।
वहीं जब प्रदर्शनकारी विधायक निवास घेराव के लिए निकले तो कुछ लोग फोटग्राफी के लिए बड़ी तेजी से आगे निकल गए और महिलाएं और अन्य कार्यकर्ता पीछे रह गए थे फिर पाधाधिकारियो ने मामला सम्हाला। गुटबाजी और आपसी समन्वय की कमी भी देखने को मिली।
बिना सभा के ही प्रदर्शन के निकले कार्यकर्ता
संभाग में मोर आवास मोर अधिकार के तहत होने प्रत्येक प्रदर्शन से पहले एक सभा का आयोजन किया जाता था जिसमें नेता कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास के विषय में जानकारी प्रदान करते थे, परंतु नगर में इस सभा का आयोजन नहीं किया गया और कार्यकर्ता नेता सीधे ही घेराव के लिए निकल गए।
कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के सांसद ,विधायक और मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने गरीबों के हक में डाका डालने का कार्य किया है और गरीबों को प्रधानमंत्री आवास के जरिए मिलने छत को छीनने का काम किया है। और जब आज हितग्राही अपने अधिकार की मांग के लिए विधायक से मिलने आए हैं तो वो किसी एसी कमरे में बैठे हुए हैं ,परंतु भारतीय जनता पार्टी गरीबों को लड़ाई हर स्तर लडऩे को तैयार है आवश्यकता हुई तो राजधानी तक इस लड़ाई को ले जाया जायेगा।


