बस्तर
जगदलपुर, 16 फरवरी। आज सुबह सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र के बेंगपाल में घर के आंगन में ठंड से बचने के लिए परिजनों ने आग जलाये थे, उसके बाद घर से कुछ दूरी जंगल में महुआ बिनने के लिए चले गए, लेकिन जिस आग को बुझाना था, उसे जलते हुए ही छोडक़र चले गए। ग्रामीण की दूसरे नंबर की बेटी उसी आग में झुलस गई, जिसे बेहतर उपचार के लिए मेकाज में भर्ती किया गया।
झुलसी बच्ची के पिता लखमू ने बताया कि तोंगपाल थाना क्षेत्र के बेंगपाल में वह अपनी पत्नी समल व 3 बच्चों के साथ खेती किसानी करने के साथ ही जीवन यापन करता है। गुरुवार की सुबह उसने ठंड से बचने के लिए घर के आंगन में आग जलाई और उसे जलता हुआ छोडक़र सुबह 6 से 7 बजे घर से 100 मीटर दूर बेंगपाल के जंगल में महुआ बिनने के लिए चले गए।
घर में मौजूद उसकी बेटी जसना (6 वर्ष) बाहर आई और उसके बाद आग को सेंकने लगी। अचानक आग उसके कपड़े में पकड़ लिया, जिसके बाद बच्ची चिल्लाने लगी। जंगल से लौट रहे मां-पिता ने उसे जलता देख उसके ऊपर पानी डाल दिया,। गंभीर हालत में बच्ची को परिजनों ने तोंगपाल अस्पताल ले गए, जहां से उसे मेकाज रेफर करवाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार बच्ची 25 से 30 फीसदी तक जल चुकी थी, जिसे वार्ड में भर्ती करने के बाद उपचार शुरू कर दिया गया है।


