बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 9 जून। क्षेत्र के किसानों ने धान बिक्री वर्ष 2025-26 की बकाया राशि के भुगतान तथा कथित फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण प्रकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कांग्रेस नेता नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजगंज के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया है कि उनकी धान बिक्री की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की रामानुजगंज एवं रामचंद्रपुर शाखाओं में जमा है, लेकिन बैंक प्रबंधन द्वारा किसानों के नाम पर केसीसी ऋण बकाया होने का हवाला देकर खातों को होल्ड कर भुगतान रोक दिया गया है।
किसानों का कहना है कि संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों द्वारा उन्हें लिखित प्रमाण-पत्र जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि संबंधित किसानों को समिति स्तर से किसी प्रकार का नगद अथवा वस्तु ऋण प्रदान नहीं किया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी जानकारी के उनके नाम पर केसीसी ऋण स्वीकृत किया गया और बैंक अधिकारियों तथा कर्मचारियों की मिलीभगत से ऋण राशि का आहरण भी कर लिया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि केसीसी ऋण स्वीकृति की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले सहकारी समिति द्वारा भूमि एवं पात्रता के आधार पर ऋण प्रस्ताव तैयार कर बैंक को भेजा जाता है, जिसके बाद ऋण स्वीकृत होता है। ऐसे में किसानों के अनुसार बिना उनकी जानकारी और सहमति के ऋण स्वीकृत होना गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
पीडि़त किसानों ने बताया कि वे इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि धान बिक्री की रोकी गई राशि का तत्काल भुगतान कराया जाए तथा उनके नाम पर दर्ज कथित फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण को समाप्त किया जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 16 जून 2026 तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के किसान उग्र आंदोलन एवं अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विकास दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान भी मौजूद रहे और अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की।


