बलरामपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलरामपुर, 2 अप्रैल। नगर पालिका परिषद बलरामपुर में शासकीय संपत्तियों के कथित दुरुपयोग और अवैध विक्रय का गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद गौतम सिंह ने इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को लिखित शिकायत भेजते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पार्षद गौतम सिंह ने अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि नगर पालिका परिषद में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रणव राय द्वारा नगरपालिका की विभिन्न संपत्तियों को बिना निर्धारित विधिक प्रक्रिया का पालन किए अवैध रूप से बेच दिया गया है। उन्होंने बताया कि 15 से अधिक टैंकर, एक पुराना एचएमटी ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा पुराने बाजार का शेड भी बिना सक्षम स्वीकृति और नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए विक्रय कर दिया गया।
मामले को और गंभीर बनाते हुए पार्षद ने बताया कि 2 अप्रैल की सुबह एक टैंकर, जिसे लगभग 20 हजार रुपये में दीपक गुप्ता को बेचा गया था, वह वार्ड क्रमांक 12 स्थित एक वेल्डिंग शॉप से बरामद किया गया। इस संबंध में थाना प्रभारी बलरामपुर को पृथक से शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी शासकीय संपत्ति के विक्रय के लिए परिषद की स्वीकृति, खुली निविदा प्रक्रिया, पारदर्शिता और विधिवत अभिलेखीकरण अनिवार्य होता है। किंतु इस मामले में इन सभी नियमों की अनदेखी की गई है, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर अनियमितता, शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग और संभावित भ्रष्टाचार का प्रतीत होता है।
पार्षद ने शासन से मांग की है कि प्रकरण में तत्काल एफआईआर दर्ज कर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही नगरपालिका की स्टॉक पंजी जब्त कर संपत्तियों का उच्चस्तरीय ऑडिट कराया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि जांच के दौरान अभिलेखों से छेड़छाड़ रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु संबंधित सीएमओ को पद से हटाया जाए।
स्थानीय नागरिकों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश और चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्तियों के साथ इस प्रकार की अनियमितताएं न केवल शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


