बलरामपुर

नगर पालिका में बैठकें नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष की नाराजगी
31-Mar-2026 10:59 PM
नगर पालिका में बैठकें नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष की नाराजगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रामानुजगंज, 31 मार्च। नगर पालिका परिषद रामानुजगंज में परिषद की बैठकों के नियमित आयोजन नहीं होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष प्रतीक सिंह ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

प्रतीक सिंह ने बताया कि परिषद के गठन को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस दौरान केवल दो ही बैठकें आयोजित की गई हैं, जो छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार परिषद की बैठक नियमित अंतराल पर होना अनिवार्य है, ताकि पार्षद अपने-अपने वार्ड की समस्याएं और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव रख सकें।

बैठकों के अभाव में वर्ष 2025-26 और 2026-27 की वार्षिक निविदाएं अब तक नहीं हो सकी हैं। इससे पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्यों के लिए निधि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, जिसके चलते नगर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वे अक्सर कार्यालय में अनुपस्थित रहते हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण निर्णय अध्यक्ष और सीएमओ द्वारा चुनिंदा पार्षदों के साथ प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल की बैठकों में लिए जा रहे हैं, जो परिषद की सामान्य बैठक की भावना के विपरीत है।

उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि नगर पालिका अधिनियम के तहत सीएमओ को निर्देशित किया जाए कि परिषद की बैठक हर दो माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए और उसमें वार्ड विकास एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दों को एजेंडा में शामिल किया जाए।

प्रतीक सिंह ने कहा कि नियमित बैठकों से नगर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी तथा जनप्रतिनिधियों को अपने दायित्वों के निर्वहन का उचित अवसर मिलेगा।


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