बलरामपुर

पूर्वजों की विरासत हमारी सामाजिक और आध्यात्मिक धरोहर- हीरामुनी निकुंज
07-Dec-2025 10:10 PM
पूर्वजों की विरासत हमारी सामाजिक और आध्यात्मिक धरोहर-  हीरामुनी निकुंज

जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत पर कार्यशाला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रामानुजगंज, 7 दिसंबर। शासकीय लरंग साय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामानुजगंज में जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम का संचालन संयोजक एस.बी. यादव एवं सह-संयोजक वेद कुमार पैकरा ने किया।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज ने जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूर्वजों की विरासत हमारी सामाजिक और आध्यात्मिक धरोहर है, जिसे आने वाली पीढिय़ों तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है।

विशिष्ट अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने महाविद्यालय की स्थापना में जनजातीय समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय प्रेरणा को महत्वपूर्ण बताया। जिला पंचायत सदस्य श्री मुंशी राम ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा में जनजातीय समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।

जनभागीदारी प्रबंधन समिति अध्यक्ष विकास कुमार गुप्ता ने महाविद्यालय के विकास में जनजातीय पूर्वजों व जनप्रतिनिधियों के योगदान को स्मरण किया, वहीं सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता ने विद्यार्थियों को सतत प्रगति के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तारावती सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्राचार्य डॉ. रोज़ लिली बड़ा सहित सभी प्राध्यापक, कर्मचारी, अतिथि व्याख्याता तथा पत्रकारों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहभागिता दी।

कार्यशाला की प्रमुख आकर्षणों में लगभग 40 पारंपरिक जनजातीय व्यंजनों की प्रदर्शनी, जनजातीय सामग्री व परिधान, व्यक्तित्व प्रदर्शन, रैम्प वॉक तथा छत्तीसगढ़ी, नागपुरी, सैला, कर्मा और गेड़ी जैसे पारंपरिक नृत्य शामिल रहे, जिनकी उपस्थितजनों ने सराहना की।

विभिन्न समितियों ने आयोजन के संचालन, स्वागत, प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनुशासन, स्वच्छता और तकनीकी सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संयोजक एस.बी. यादव ने सभी अतिथियों, समितियों, एनएसएस इकाई, स्वयंसेवी विद्यार्थियों और महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।


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