बलरामपुर

महाविद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग तेज
04-Dec-2025 9:37 PM
महाविद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण हटाने की मांग तेज

पार्षद विकास गुप्ता ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रामानुजगंज, 4 दिसंबर। शासकीय लरंगसाय अग्रणी महाविद्यालय, रामानुजगंज की आवंटित भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को हटाने एवं पुन: सीमांकन कराए जाने की मांग को लेकर नगर पालिका परिषद रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 06 के पार्षद एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष विकास गुप्ता ने कलेक्टर को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है।

श्री गुप्ता ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी, जबकि भूमि आवंटन की प्रक्रिया 1991 से प्रारंभ होकर वर्ष 2000 में पूर्ण हुई। उस समय मध्यप्रदेश शासन द्वारा महाविद्यालय को खसरा नंबर 76/6, रकबा 2.23 हेक्टेयर (लगभग 5.50 एकड़) भूमि विधिवत आवंटित की गई थी। इसी भूमि पर महाविद्यालय भवन निर्मित होकर आज भी शैक्षणिक गतिविधिया संचालित हैं।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2014 में बाउंड्रीवॉल निर्माण के दौरान सीमांकन आवश्यक होने पर प्राचार्य द्वारा कलेक्टर को पत्र भेजा गया था। इसके बाद कलेक्टर द्वारा तहसीलदार को सीमांकन करने निर्देशित किया गया, किंतु आज तक सीमांकन पूरा नहीं हो सका है। परिणामस्वरूप आवंटित भूमि के एक हिस्से पर स्थानीय व्यक्तियों का अतिक्रमण बना हुआ है, जिससे बाउंड्री वॉल का कार्य अधूरा रह गया है।

पार्षद विकास गुप्ता ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग, रायपुर द्वारा महाविद्यालय के उन्नयन एवं विस्तार के लिए 2,91,22,000 की राशि अतिरिक्त भवन निर्माण हेतु स्वीकृत की गई है। ऐसे में अतिक्रमण नहीं हटे रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह अतिक्रमण हटना अत्यंत आवश्यक है जिससे छात्रों को सुरक्षित, स्वच्छ और शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

उन्होंने मांग की है कि महाविद्यालय की आवंटित भूमि खसरा 76/6 का पुन: सीमांकन कराते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शीघ्र की जाए।

इस आवेदन की प्रतिलिपि कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। साथ ही आवेदन के साथ वर्ष 1991, 2000 और 2014 से संबंधित भूमि आवंटन, सीमांकन एवं शासनादेश की प्रतियां संलग्न की गई हैं।


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