बलरामपुर
शंकरगढ़, 6 जनवरी। क्षेत्र में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले घिर्रा मेला की नीलामी प्रक्रिया को लेकर जनपद पंचायत शंकरगढ़ की भूमिका पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। मेला आयोजन का समय नजदीक होने के बावजूद अब तक नीलामी को लेकर कोई सार्वजनिक सूचना जारी नहीं किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विगत तीन-चार वर्षों से जनपद पंचायत शंकरगढ़ में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की आपसी सांठगांठ के चलते मेला नीलामी पारदर्शी तरीके से नहीं की जा रही है। शंकरगढ़ जनपद क्षेत्र अंतर्गत डीपाडीह कला एवं शंकरगढ़ में प्रतिवर्ष घिर्रा मेला आयोजित होता है, जो धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष न तो नीलामी को लेकर कोई विज्ञप्ति जारी की गई है और न ही प्रक्रिया को सार्वजनिक किया गया है, जिससे यह संदेह और गहरा गया है कि नीलामी की प्रक्रिया को जानबूझकर अवरुद्ध किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।
इस संबंध में युवा कांग्रेस बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बृजेश यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि जनपद पंचायत द्वारा घिर्रा मेला की नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की जाती है, तो युवा कांग्रेस द्वारा जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग है कि नीलामी प्रक्रिया शीघ्र सार्वजनिक सूचना के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाए नहीं तो युवा कांग्रेस उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी ।


