बलौदा बाजार

तीसरी लहर की आशंका, जिले के पौने 4 लाख बच्चों को कोरोना से बचाने की तैयारी
03-Jun-2021 5:16 PM
तीसरी लहर की आशंका, जिले के पौने 4 लाख बच्चों को कोरोना से बचाने की तैयारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 3 जून।
कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर से बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। एक्सपट्र्स कह रहे हैं कि पहली लहर में कोरोना वायरस ने बुजुर्गों पर अटैक किया, जबकि दूसरी लहर में युवकों पर खतरा बढ़ा। ऐसे में तीसरी लहर में कोरोना बच्चों को अपना शिकार बनाएगा।

तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा संक्रमण की आशंका को देखते हुए बलौदाबाजार सहित पूरे जिले में तैयारियां जोरों पर है। जिले में 1-14 साल के आयुवर्ग में 2 लाख, 89 हजार लोग हैं, वहीं 14-18 के किशोरों की संख्या भी 82 हजार से अधिक है। इस लिहाज से देखें तो जिले में करीब पौने 4 लाख़ बच्चों को कोरोना की तीसरी लहर से बचाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जिले के 6 सरकारी कोविड केयर सेंटरों में बड़े बच्चों व नवजातों के लिए जिले में पीआईसीयू और एनआईसीयू बिस्तरों वाले 10 बेड तैयार हैं। 
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के जिला अस्पताल सहित नवीन कोविड केयर सेंटर, जिला कोविड अस्पताल में 10 बिस्तरों वाले पीआईसीयू और एनआईसीयू का सेटअप तैयार कर लिया गया है। बलौदाबाजार में तीनों अस्पतालों में बच्चों के लिए 200 बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है। ये जिले में किसी भी ब्लॉक में सबसे बड़ी व्यवस्था होगी।

10 वेंटिलेटर मिले
तीसरी लहर के लिए बच्चों के लिहाज से जिले में तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल के अलावा जिले के कोविड केयर सेंटरों में बच्चों के लिए पीआईसीयू और एनआईसीयू का सेटअप बन रहा है इसके लिए अभी बच्चों के स्पेशल एडजस्टेबल 10 वेंटिलेटर मिले हैं। जिले में बच्चों के लिए सभी अस्पतालों में करीब 230 बिस्तरों की व्यवस्था बनाई जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों के डॉक्टर की व्यवस्था
जिले में फिलहाल पीडिया फिजिशियन का स्टॉफ है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पीडिया फिजिशियन यानी बच्चों के डॉक्टरों की अलग से व्यवस्था नहीं की जा रही है, मगर जो डॉक्टर हैं उन्हें बच्चों के इलाज के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। तीसरी लहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा घातक होगी। जिला अस्पताल के पैथॉलाजी इंचार्ज डॉ. अशोक वर्मा तथा कोविड अस्पताल के डॉ. शैलेन्द्र साहू ने कहा कि वैक्सीनेशन या कोरोना होने की वजह से बड़ों में एंटीबॉडी होगी। अभी बच्चों के लिए वैक्सीन भी नहीं आ पाई है, ऐसे में बच्चे ही वायरस के शिकार होंगे।

सतर्कता ही दुर्घटना से बचने का फॉर्मूला- कलेक्टर
कलेक्टर सुनील कुमार जैन का कहना है कि तीसरी लहर में संक्रमित होने वाले ज्यादातर बच्चों में कोरोना गंभीर रूप लेने वाला है, यह विशेषज्ञों की आशंका है मगर हम सिर्फ आशंका मानकर इसे हल्के में नहीं ले सकते, सतर्कता ही दुर्घटना से बचने का फॉर्मूला है। लिहाजा तैयारी भी जारी रखने की जरुरत है।

200 बिस्तर बढ़ाने का बनाया जा रहा प्रस्ताव- सीएमएचओ
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार डॉ. खेमराज सोनवानी का कहना है कि जिले में तीसरी लहर के संक्रमण की आशंका को देखते हुए 200 बिस्तरों को बढ़ाने का प्रस्ताव बनाया गया है। ये मौजूदा सेटअप के अलावा होगा। इसमें बच्चों के लिए 10 पीआईसीयू-एनआईसीयू का बंदोबस्त शामिल है। अभी हमारे पास 15 वेंटिलेटर हैं, जिसमें 10 वेंटिलेटर एडजस्टेबल है उन्हें बच्चों के साइज का किया जा सकता है। जरूरत के मुताबिक और नए प्रस्ताव शासन को भेजे जा रहे हैं।
 


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