बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,10 जनवरी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। कार्यक्रम के अनुसार कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से 13 मार्च तक तथा कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च तक आयोजित होंगी।
परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने के बाद शासकीय स्कूलों में पाठ्यक्रम की प्रगति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षकों और छात्रों के अनुसार परीक्षा से पहले प्रभावी अध्यापन, पाठ्यक्रम पूर्ण करने और पुनरावृत्ति (रिवीजन) के लिए सीमित समय शेष है।
विभिन्न शासकीय स्कूलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई विद्यालयों में अभी पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान शीतकालीन अवकाश, कर्मचारियों की हड़ताल तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से नियमित कक्षाएं प्रभावित हुईं। इनमें सर्वे, विभिन्न प्रशासनिक दायित्व और अन्य विभागीय कार्य शामिल रहे।
स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर अब तक लगभग 60 से 65 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पूरा हो पाया है, जबकि कुछ विद्यालयों में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत तक बताया जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से पाठ्यक्रम की प्रगति को लेकर अलग आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।
जिले में 4137 पद खाली हैं
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बलौदाबाजार जिले में शिक्षकों के लगभग 4137 पद रिक्त हैं। शिक्षकों का कहना है कि रिक्त पदों के कारण कार्यभार बढ़ा है और उपलब्ध शिक्षकों को शिक्षण के साथ-साथ अन्य दायित्व भी निभाने पड़ रहे हैं।
गैर-शैक्षणिक कार्यों का प्रभाव
शिक्षकों द्वारा बताया गया कि छात्रवृत्ति एंट्री, जाति व निवास प्रमाण पत्र से संबंधित कार्य, मध्यान्ह भोजन, राशन व अन्य वितरण, आधार और बैंक विवरण अपडेट, यू-डायस डेटा एंट्री जैसे कार्यों में समय लगने से अध्यापन प्रभावित हुआ।
व्यावसायिक पाठ्यक्रम की अनिवार्यता से परेशानी
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में हेल्थ केयर, इलेक्ट्रीशियन और वेंडर जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों के लिए अलग से स्टाफ नियुक्त नहीं होने के कारण यह जिम्मेदारी भी नियमित शिक्षकों को निभानी पड़ रही है।
बचे हुए दिनों में कोर्स पूरा हो जाएगा-डीईओ
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने कहा कि जिले के स्कूलों में लगभग 80 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है और शेष पाठ्यक्रम भी निर्धारित समय में पूरा कर लिया जाएगा।


