बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 12 जनवरी। जिले में स्कूली विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने का कार्य पिछले एक वर्ष से चल रहा है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी लगभग 17 हजार विद्यार्थियों की अपार आईडी बनना शेष है। इस स्थिति के कारण बलौदाबाजार जिला प्रदेश स्तर पर अपार आईडी प्रगति के मामले में नौवें स्थान पर है।
जिले में कुल 2 लाख 65 हजार 835 विद्यार्थियों में से 16 हजार 954 विद्यार्थियों की अपार आईडी अभी लंबित बताई गई है। विभाग का कहना है कि समय पर आईडी नहीं बनने की स्थिति में विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण, छात्रवृत्ति आवेदन और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कठिनाई हो सकती है।
25 जनवरी तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
शिक्षा विभाग द्वारा सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अपार आईडी निर्माण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। निर्देशों के अनुसार, जिन विद्यार्थियों के पास आधार कार्ड उपलब्ध है, उनकी अपार आईडी 15 जनवरी तक प्राथमिकता से बनाई जाएगी। जिन विद्यार्थियों के पास आधार नहीं है, उनका पहले आधार बनवाकर 25 जनवरी तक अपार आईडी प्रक्रिया पूरी की जानी है।
विभागीय निर्देशों में यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं होने की स्थिति में शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों के वेतन संबंधी कार्रवाई और निजी विद्यालयों की मान्यता से जुड़े प्रावधानों पर विचार किया जा सकता है।
तकनीकी कारणों से आई देरी
अधिकारियों के अनुसार, अपार आईडी निर्माण में आधार कार्ड और यू-डाइस (ष्ठढ्ढस्श्व) डाटा में नाम अथवा जन्मतिथि में अंतर जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं, जिससे प्रक्रिया प्रभावित हुई। विभाग का कहना है कि इन त्रुटियों के निराकरण के निर्देश स्कूलों को दिए गए हैं।
अपार आईडी का उद्देश्य
अपार आईडी ‘वन नेशनल, वन स्टूडेंट आईडी’ की अवधारणा पर आधारित है। इसमें छात्र की शैक्षणिक जानकारी जैसे कक्षा, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, स्थानांतरण और अन्य विवरण डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं। अपार आईडी के आधार से लिंक होने के कारण डुप्लीकेट और फर्जी प्रमाण पत्रों की संभावना कम होती है।
93 प्रतिशत कार्य पूरा होने का दावा
जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 93 प्रतिशत अपार आईडी निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश संबंधित स्कूलों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अपार आईडी विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकार्ड से जुड़ी प्रक्रिया है, इसलिए इसे निर्धारित समय में पूरा करना आवश्यक है।


