बलौदा बाजार
शिकायतों के बाद खाद विभाग ने किया बड़ा बदलाव, खाद संचालक ने जारी किए निर्देश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 14 जून। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और राशन वितरण में हो रही अनियमिताओं पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया हैं। अब प्रदेश सहित बलौदाबाजार जिले की सभी उचित मूल्य राशन दुकानों में निशक्तजनों और वरिष्ठ नागरिकों को छोडक़र अन्य सभी हितग्राहियों को बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से ही राशन प्राप्त करना होगा। ओटीपी आधारित वितरण व्यवस्था पर प्रभावी रूप से रोक लगा दी गई है।
यह निर्णय खाद विभाग की संचालक फरिया आलम सिद्दीकी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के बाद लागू किया गया हैं। विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि कुछ राशन दुकानदार हितग्राहियों से ओटीपी प्राप्त कर उसके नाम पर राशन का उठाओ तो कर लेते थे लेकिन बताते नहीं थे। इसके बदले संबंधित कार्डधारियों के खातों में कुछ राशि भेज दी जाती थी।
ओटीपी लेकर दुकान संचालक राशन का उठाव दर्शाता पर हितग्राही को नहीं देता था
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय से राशन वितरण व्यवस्था में एक नया तरीका सामने आया था। कुछ हितग्राही स्वयं दुकान नहीं पहुंचते थे और दुकानदार को फोन पर ओटीपी बता देते थे। इसके बाद राशन दुकानदार उसके नंबर का राशन का वितरण दर्शा देता था, जबकि वास्तविक खाद्यान्न दुकान में ही रोक लिया जाता था। बदले में संबंधित व्यक्ति के खाते में कुछ राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी जाती थी। इस तरह राशन के बदले नगद लेन-देन का एक समानांतर तंत्र विकसित हो गया था, जिससे शासन की मंशा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली दोनों प्रभावित हो रही थी। इससे कालाबाजारी और खाद्यान्न की हेराफेरी की आशंकाएं भी बढ़ गई थी।
जिले में 3.86 लाख कार्ड
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में वर्तमान में कुल 3 लाख 86 हजार 235 राशनकार्ड धारी हैं। इनमें 49 हजार 695 अंत्योदय कार्डधारी 3 लाख 5 हजार 69 प्राथमिकता श्रेणी के कार्ड धारी 1624 निर्धारित निराश्रित कार्ड धारी 778 निशक्तजन कार्ड धारी तथा 29 हजार 69 सामान्य राशन कार्ड धारी शामिल हैं। इन कार्डों से जुड़े कल हितग्राहियों की संख्या लगभग 13 लाख 395 बताई गई हैं। राशन वितरण को पारदर्शी बनाना हैं।
दुकानदार ने भी माना कि चल रहा था आपसी लेन देन
नाम प्रकाशित नहीं करने के आग्रह के साथ जिले के एक शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में कुछ लोग दुकान आने के बजाय घर बैठे ओटीपी साझा करते थे। इसके बाद राशन के स्थान पर उन्हें राशि भेज दी जाती थी। इस प्रक्रिया में कुछ हितग्राही और कुछ दुकानदार भी शामिल थे।
खाद्य अधिकारी पुनीत कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ मामलों में हितग्राही और राशन दुकानदार आपसी सहमति से राशन नहीं लेते थे तथा खाद्यान्न के बदले सीधे पैसों का लेन-देन कर रहे थे। ऐसी शिकायतें मिलने के बाद पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनियमिताओं पर रोक लगाने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन को प्राथमिकता देते हुए ओटीपी आधारित वितरण को सीमित किया गया हैं। बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य बनाने से पात्र हितग्राहियों रहो तक खाद्यान्न की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
बायोमेट्रिक सत्यापन पर रहेगा
विशेष जोर दिए निर्देश
नए निर्देशों के अनुसार राशन वितरण में बायोमेट्रिक सत्यापन की दर 95त्न से कम पाई जाने पर संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग में सभी अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने जिले के फूड इंस्पेक्टरों को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए दिए हैं।


