बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 12 जून। गुरुवार को कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक स्वयं किसान बनकर ग्राम करहीबाजार स्थित बबला कृषि केंद्र पहुंचे और खाद की कालाबाजारी का पर्दाफाश कर दिया।
जानकारी के अनुसार, अधिकारी ने एक स्थानीय किसान के साथ मिलकर दो बोरी डीएपी खाद की मांग की। इस दौरान विक्रेता कृष्ण कुमार देवांगन ने निर्धारित मूल्य 1350 रुपये प्रति बोरी के बजाय दोगुनी कीमत 2700 रुपये प्रति बोरी वसूलते हुए 5400 रुपये में दो बोरी डीएपी खाद बेच दी। इतना ही नहीं, बिल मांगने पर भी कोई बिल उपलब्ध नहीं कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र में यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को नहीं बेचा जा रहा था। खाद बिक्री के दौरान किसान से आधार कार्ड, बी-1 अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी नहीं मांगे गए। विक्रेता ने खरीदार को इस लेन-देन की जानकारी किसी को नहीं देने की हिदायत भी दी। इसके बाद पहले से घात लगाए बैठे जिला स्तरीय निरीक्षण दल ने मौके पर पहुंचकर कृषि केंद्र की सघन जांच की।
जांच में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और वास्तविक भंडारण में भारी अंतर पाया गया। मशीन में 40.50 मीट्रिक टन स्टॉक दर्ज था, जबकि मौके पर 47.84 मीट्रिक टन उर्वरक मिला। मौके पर उपलब्ध 47.84 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त कर कृषि केंद्र को सील कर दिया गया। जब्त किए गए उर्वरक की अनुमानित कीमत 11 लाख 9 हजार 223 रुपये बताई गई है।


