बलौदा बाजार

मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
21-Jun-2025 4:03 PM
मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 20 जून। मांगों को लेकर प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ व छत्तीसगढ़ अधिकारी/कर्मचारी पेंशनर्स एसो. ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।  साथ ही जल संसाधन विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर एवं आईटीआई कर्मचारी द्वारा भी अपने मांगों का अलग से ज्ञापन सौंपा।

छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी/कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन जिला शाखा बलौदाबाजार द्वारा संगठन के प्रांतीय कार्यालय रायपुर में प्रबंध कार्यकारणी की बैठक 18 मई में लिये गये निर्णय अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनर्स की 13 सूत्रीय मांगों के निराकरण हेतु ध्यानाकर्षण ज्ञापन मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज दुबे एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी/कर्मचारी पेंशनर्स एसो. के जिलाध्यक्ष पी.के.हिरवानी जिला शाखा बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा संयुक्त रूप से 18 जून को 1:30 बजे भोजन अवकाश में संयुक्त जिला कार्यालय बलौदाबाजार में संगठन के साथियों के साथ ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने के  दौरान शिव सोनी खुशबू शर्मा नम्रता वर्मा भारती तिवारी दमयंती यादव शीतल प्रसाद शर्मा अजय निषाद संजय निर्मलकर सुनीता वर्मा मधु वर्मा सहोत्रा ध्रुव दुर्गेश यादव प्रेम प्रकाश केसरवानी चेतू साहू कमल दास पौडवाल पंकज वैष्णव गीत साहू राजेश नेताम पुष्पा वर्मा पर दीवार खिलावन विश्वकर्मा गोपाल पटेल रशीदा बेगम रामायण गुरु डिंपल चंद्राकर रंभा यादव कृष्णा कुमारी यादव अहिल्या साहू यशवंत वर्मा सुवम ध्रुव जय कुमार यादव प्रशांत कोरिया लीलावती ध्रुव राजेश अग्रवाल के एन वर्मा महेश निर्मलकर रेखा मानिकपुरी चंद्रकांत कश्यप शिवकुमार कवर्ड नरोत्तम कोसले कौशल कुमार साहू शिव प्रसाद सूर्यवंशी आदि कर्मचारी उपस्थित रहे। कर्मचारियों के 13 सूत्रीय मांगे निम्नानुसार है- 1. केन्द्र एवं मध्यप्रदेश के कर्मचारियों तथा पेंशनरों को वर्तमान में 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा हैए जबकि राज्य के कर्मचारियो एवं पेंशनरों को 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है फलस्वरूप केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश दिनांक से महंगाई भत्ता में 2 प्रतिशत की वृद्धि की जावें। 2. शिक्षकों के विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जावे।

3 केन्द्रीय कर्मचारियों एवं अविभाजित मध्यप्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण आदेश जारी किया जावे। 4. शिक्षक, लिपिक सहित विभिन्न संवर्गों के वेतन विसंगति दूर करने हेतु गठित समिति का प्रतिवेदन यथाशीघ्र सार्वजनिक किया जाये। 5. प्रदेश के सभी संवर्गों के अधिकारी, कर्मचारियों को सेवाकाल में चार स्तरीय वेतनमान संबंधी आदेश शीघ्र जारी किया जावे। 6. उत्तर प्रदेश की भांति छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था दी जावे। 7. सभी संवर्गों के लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु निर्देश जारी किया जावे। 8 संविदा, दैनिक, अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जावे तथा मध्यप्रदेश की भांति सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किया जावे। 9.शासन द्वारा श्रम सम्मान निधि का भुगतान आदेश पुनश्च सभी विभागों को प्रदाय करने हेतु निर्देशित किया जावे। 10. अनुकम्पा नियुक्ति से आये लिपिको हेतु पूर्व की भांति कार्यालय प्रमुख/विभागाध्यक्ष एवं अन्य तकनीकी संस्थानों को कौशल परीक्षा हेतु अधिकृत किया जावे, क्योंकि वर्तमान व्यवस्था जटिल एवं सामान्य लोगों के लिये होने के कारण समय पर परीक्षा आयोजित नहीं हो पा रही है। 11 सभी विभागों के कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि के नियमित सेवा निवृत्त कर्मचारियों को अवकाश नगदीकरण दिये जाने संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग से जारी किया जावे. ताकि कर्मचारी को बार बार माननीय न्यायालय की शरण में जाना ना पड़े। 12. शासकीय सेवा में नियुक्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारी की नियुक्ति दिनांक से एक वर्ष के भीतर मृत्यु होने पर भी अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान के आदेश जारी किया जावे। 13. संघों को अविभाजित मध्यप्रदेश की भांति स्थाई मान्यता जारी किया जावे।


अन्य पोस्ट