बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 2 मई। जिले को जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया हैं। कलेक्टर के आदेश अनुसार 30 जून तक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नया बोर खनन प्रतिबंधित हैं।
ग्रामीण इलाकों में हर 10 किलोमीटर पर दो-दो बोरवेल मशीन खनन करते दिखाई दे रही हैं। दिन में मशीन बंद रहती हैं और रात में तेजी से बोरवेल खनन किया जाता हैं। ‘छत्तीसगढ़’ की टीम ने जब बलौदाबाजार के पास बोईरडीह गांव में जायजा लिया तो एक खेत में बोरवेल मशीन से बोर किया जा रहा था। कर्मचारियों ने बताया कि बिना अनुमति भी बोर हो जाएगा बस खर्चा ज्यादा होगा। इधर टीम ने बोईरडीह के पास के ही खपरी में भी बोरवेल मशीन देखी। यह बोर खनन किया जा रहा था।
पीएचई विभाग के सूत्रों के मुताबिक जिले में भूजल स्तर कहीं 350 फीट तो कहीं 400 फीट तक जा चुका हैं। इसके बावजूद धड़ल्ले से बोरवेल बोर खनन किया जा रहा हैं। कई जगह तो रात के अंधेरे में चोरी छिपे बोर खनन किया जाता हैं। बोरवेल कंपनी मशीन संचालक ने अंडरग्राउंड वॉटर लेवल 350-400 फीट तक चले जाने की पुष्टि की।
बताया जाता है कि तीन दिन पहले जब कोलियारी गांव में जब सरपंच की शिकायत पर विभाग की टीम पहुंची तो खानापूर्ति कर मामला रफा दफा कर दिया गया। इसी प्रकार दतरंगी, सोनाडीह और कसडोल में भी कई बोर गाडिय़ों की पकड़ी गई लेकिन मामूली जुर्माना के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
90 की जगह 110 रूपए प्रति फीट के हिसाब से कर रहे हैं खनन
सबसे अधिक बोरवेल की आवश्यकता किसानों को होती है लेकिन अवैध खनन माफियाओं ने इसे मुनाफे का धंधा बना लिया हैं। अधिकारी के नाम पर प्रति फीट 20 से 30 रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। नतीजा किसान को प्रति फीट 110 रुपए तक खर्च करना पड़ रहा हैं जबकि सामान्य स्थिति में यह खर्च 80-90 प्रति फीट शुल्क रहता हैं।
शिकायतें आने पर लगातार कार्रवाई की जा रही हैं-कलेक्टर


