बलौदा बाजार

एक शिक्षक संभाल रहा 73 विद्यार्थी तो कई विषयों के शिक्षक ही नहीं
28-Apr-2025 6:33 PM
एक शिक्षक संभाल रहा 73 विद्यार्थी तो कई विषयों के शिक्षक ही नहीं

बलौदाबाजार में 13 हजार पद स्वीकृत मात्र 5800 शिक्षक

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 28 अप्रैल। जिले में शिक्षकों की भारी कमी के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था चरमरा गई हैं। जिले में 2058 शासकीय स्कूल हैं, जिसमें 2 लाख 15 हजार 919 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मात्र 5888 शिक्षक उपलब्ध हैं, यानी एक शिक्षक पर 73  विद्यार्थियों की पढ़ाई का जिम्मा हैं। इसके अलावा इस साल 65 शिक्षक प्राचार्य और अन्य स्टाफ सेवानिवृत हो रहे हैं, जिससे आने वाले सत्र में 5823 पद खाली हो जाएंगे।

जिले में 57 ऐसे प्राथमिक स्कूल भी हैं, जहां एक शिक्षक ही सभी  विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में शिक्षक पदों की कुल स्वीकृत 13182 है, जिसमें से 5888 शिक्षक कार्यरत हैं। हालांकि बीते सत्र में 103 शिक्षक सेवानिवृत हुए थे। लेकिन इन पदों को भरा नहीं गया, जिससे शिक्षा व्यवस्था और अधिक कमजोर हो गई हैं।

शिक्षा विभाग ने अस्थाई रूप से अन्य शिक्षकों को भेजने की व्यवस्था की हैं लेकिन यह समाधान का स्थाई नहीं है जिले में विषय विशेषज्ञों की भी भारी कमी है खासकर संस्कृत, भौतिकी, गणित, रसायन, और अन्य विषयों में।

इस समस्या के कारण पालक भी परेशान हैं। कई बार अभिभावकों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर अस्थाई शिक्षक की नियुक्ति की मांग की है लेकिन यह मांग अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। इसके चलते कई शिक्षकों में तालाबंदी भी हो चुकी है जैसे सिमगा का विकासखंड के ग्राम पंचायत अलदा के स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों ने ग्रामीण ने स्कूल में तालाबंदी कर दी थी।

57 प्राइमरी स्कूलों में मात्र एक ही शिक्षक

जिले के 57 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ एक शिक्षक ही पढ़ाता है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि 5-5 विषयों को एक ही शिक्षक कैसे और क्या पढ़ा पता होगा। इससे भी हैरान करने वाली बात यह भी है कि जिले में 2 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक ही नहीं है, ऐसे में इन स्कूलों में व्यवस्था के तहत पढ़ाई कराई जा रही हैं।

 जिले में विषय विशेषज्ञों शिक्षकों की भारी कमी हैं। 200 से अधिक पद खाली हैं। पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।  संस्कृत और भौतिक में 40 से ज्यादा पद खाली हैं। अर्थशास्त्र, भूगोल, हिंदी, रसायन, गणित और वाणिज्य जैसे विषयों में 80 से अधिक पद रिक्त हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर परीक्षा परिणाम पर पढ़ रहा हैं। कई स्कूलों में विशेषज्ञ नहीं हैं।

स्कूल में हो रही तालाबंदी

जिले के सिमगा का विकासखंड के ग्राम पंचायत अल्दा के स्कूल में शिक्षकों की कमी से खफा विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर सरपंच के घर के सामने जमकर प्रदर्शन किया था। शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने तक स्कूल में तालाबंदी व आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई थी। विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में 125 विद्यार्थी दर्ज हैं यहां पर पांच शिक्षकों के पर स्वीकृत हैं। लेकिन वर्तमान में 3 ही शिक्षक हैं। इसमें से 1 शिक्षक के पास प्रधानाध्यापक का चार्ज हैं।

जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती

जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शासन स्तर पर विचाराधीन हैं और जल्द ही गर्मी की छुट्टी के दौरान इस पद इस पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि जब तक स्थाई समाधान नहीं मिलता, तब तक एक स्थाई स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं करनी होगी।

शिक्षा विभाग से अपील की है कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरी की जाए और सभी स्कूलों में प्राप्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।


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