बलौदा बाजार

परमालकसा खरसिया नई रेल लाइन के लिए बलौदाबाजार और पलारी तहसील में होगा भूमि अधिग्रहण
26-Apr-2025 4:09 PM
परमालकसा खरसिया नई रेल लाइन के लिए बलौदाबाजार और पलारी तहसील में होगा भूमि अधिग्रहण

मुखिया की मृत्यु के बाद भूमि आश्रितों के नाम होगी नामांतरण, बंटवारा नहीं होगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 26 अप्रैल।
खरसिया परमालकसा नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत संभावित प्रभावित गांवों में जमीन की खरीदी बिक्री, नामांतरण बटवारा और निर्माण कार्य पर कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस आदेश के तहत पलारी और बलौदाबाजार तहसील के कुल 35 गांव में किसी भी प्रकार की जमीन लेनदेन की प्रक्रिया पर रोक लगाई गई है। साथ ही मुखिया की मृत्यु के बाद उनकी जमीन आश्रितों के नाम तो दर्ज होगी, लेकिन उनका बंटवारा नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर के आदेश के अनुसार इन गांव में अब केवल हो फोती उत्तराधिकार मृत्यु के बाद उत्तराधिकार का काम होगा लेकिन जमीन का बंटवारा नहीं किया जाएगा। यानी यदि किसी मुखिया की मृत्यु होती है तो उसकी जमीन उसके आश्रितों के नाम पर तो दर्ज होगी लेकिन उस जमीन को विभाजित नहीं किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य रेलवे लाइन परियोजना के तहत होने वाले भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रदर्शित बनाए रखना हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आगामी आदेश तक इन गांव में जमीन से संबंधित कोई भी लेनदेन नहीं होगा। सरकार द्वारा रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन प्रतिबंधों को ढील दी जा सकती हैं। 

वास्तविक हकदार को ही लाभ मिले इसलिए लगाई रोक
इस संबंध में पलारी एसडीएम दीपक कुमार निकुंज ने बताया की नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। इसके चलते प्रभावित गांवों में जमीन की खरीदी बिक्री नामांतरण और बंटवारे पर रोक लगाई गई हैं। क्योंकि ऐसे गांव में योजना का लाभ लेने दलाल सक्रिय हो जाते हैं इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए की वास्तविक हकदार को ही लाभ मिले और पूरी पारदर्शिता के साथ काम हो यह कदम उठाया गया हैं। वही आश्रितों के बीच बंटवारे के संबंध में उन्होंने कहा कि बटवारे नहीं होगा परंतु आश्रितों का नाम दर्ज किया जाएगा। इस प्रतिबंध का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जहां मुखिया की मृत्यु के बाद जमीन का बंटवारा किया जाना बाकी था। हालांकि प्रशासन का मानना है कि यह कदम परियोजना को ध्यान में रखते हुए आवश्यक था ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचा जा सके।

 

 

इन गांव पर लगा है प्रतिबंध 
कलेक्टर के आदेश अनुसार 35 गांव में से जमीन के किसी भी प्रकार के लेनदेन नामांतरण या बंटवारे पर रोक लगाई गई हैं। जिसमें बलौदाबाजार तहसील के ताराशिव, अमल कुंडा, मिश्राइनडीह, भदरा, सुडेली, सेमराड़ीह, खेदा, बिटकुली, छुईहा, पनगांव, मगरचबा, सकरी, गोडखपरी, दशरमा, रिसदा, पुरान, ठेलकी, खमरिया, चंपा और पोसरी  के नाम शामिल हैं। वहीं पलारी तहसील के सैहा, गुमा, गीतकेरा, ओरासी, अमलडीहा चुचरुंगपुर, छिराही, गाडाभाटा, सरकीपार, खपरी, परसवानी, छेरकाडीह, रेंगाडीह मुसुवाडीह और जारा के नाम शामिल हैं। 

क्यों लगाया गया प्रतिबंध 
नई रेलवे लाइन परियोजना के लिए सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। ऐसे में जमीन की कीमतों में अचानक उछाल या अवैध लेनदेन को रोकने के लिए प्रतिबंध लगाया गया हैं। इसके अलावा परियोजना क्षेत्र में जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद उत्पन्न ना हो इसलिए बंटवारे पर भी रोक लगाई गई है।


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