बलौदा बाजार

पारा 42 पार, अस्पतालों में मरीज बढ़े
23-Apr-2025 9:40 PM
पारा 42 पार, अस्पतालों में मरीज बढ़े

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 23 अप्रैल। आज सुबह से भीषण गर्मी का कहर जारी है। सोमवार को जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री रिकार्ड किया गया था, वहीं मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे पारा बढक़र 42.2 डिग्री जा पहुंचा था।

चिलचिलाती धूप में जहां सडक़ पर निकलना मुश्किल कर दिया है, वहीं उमस से घर के भीतर दुबके लोग भी खासे परेशान हो रहे हैं। धूप से बचने जहां एक ओर महिलाएं दुपट्टे का सहारा ले रही है वहीं अधिकतर लोग मुंह में गमछा बांधकर चलने को मजबूर हैं। शाम 6 बजे के बाद ही लोग घर व दफ्तर की छांव से बाहर निकालने की हिम्मत जुटा रहे हैं। बढ़ते तापमान के साथ झुलसा देने वाली धूप के कारण अब लोग सडक़ छोड़ घरों में दुबकने मजबूर हो गए हैं।

गर्मी में इन दिनों चढ़ते सूरज की तपिस का असर खासकर बच्चों व बुजुर्गों पर दिखने लगा है। सुबह के 10 बजाते ही सडक़ वीरान हो जाए जा रही हैं। तो शाम 6 बजे के बाद ही वापस चहल-पहल लौट रही हैं।

पिछले वर्ष जहां मई के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 42 डिग्री पर पहुंचा था, वह इस बार 15 दिन पहले ही यानी 21 अप्रैल को थर्मामीटर का पारा 42 डिग्री पार कर दिया था।

 मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन.पी.थॉमस के अनुसार इस बार गर्मी में पिछले सारे रिकॉर्ड तोडऩे टूटने की संभावना भी जताई जा रही हैं। झुलसा देने वाली धूप में जीव जंतुओं के लिए भी गुजर करना मुश्किल हो रहा हैं।

मौसम के कड़े तेवर की वजह से उमस व हलाकान कर देने वाली गर्मी से लोग परेशान हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले एक पखवाड़े में थर्मामीटर का पारा कुछ राहत देने वाला रहेगा क्योंकि पश्चिम विक्षोभ के असर के चलते आने वाले कुछ दिनों में आसमान में बादल छाए रहेंगे।

जिला अस्पताल की ओपीडी में 80 से ज्यादा मरीज बच्चे

जिले में पढ़ रही भीषण गर्मी तो कभी तापमान में गिरावट से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा हैं। जिला अस्पताल की सामान्य दिनों में करीब 150 से 200 लोगों के लोग के आसपास चलने वाली ओपीडी में भीषण गर्मी में 400 से पर हो चुकी हैं। इसमें प्रतिदिन 80 से अधिक बच्चे शामिल रहते हैं। जो मौसमी बीमारियों से ज्यादा प्रभावित हैं।

कूलर-पंखे से भी नहीं मिल रही राहत

दिन की तपिश के साथ घरों के अंदर रात में उमस भी महसूस की जा रही हैं। ऐसे में लोग अपने घर में कूलर, पंखे व एसी के सामने ही वक्त बिता रहे हैं। इधर देसी फ्रिज कहे जाने वाली मिट्टी के मटको की बिक्री भी जोर पकडऩे लगी हैं। ठंडा पानी के लिए मटको की डिमांड भी खासी देखी जा रही हैं। इसके अलावा बच्चों में आइसक्रीम व युवाओं में चिल्ड वाटर की डिमांड को भी पढऩे देखा जा रहा हैं।


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