बलौदा बाजार

आरटीई प्रवेश नियमों में बदलाव, निजी स्कूलों में अब केवल पहली कक्षा में मिलेगा प्रवेश
13-Jan-2026 3:59 PM
 आरटीई प्रवेश नियमों में बदलाव, निजी स्कूलों में अब केवल पहली कक्षा में मिलेगा प्रवेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 13 जनवरी। बलौदाबाजार जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया 1 जनवरी से शुरू हो गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश नियमों में बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब निजी स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत नर्सरी और केजी-1 कक्षाओं में प्रवेश नहीं होगा। प्रवेश प्रक्रिया केवल पहली कक्षा के लिए लागू रहेगी।

पूर्व में वर्ष 2010-11 से आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1 और पहली कक्षा की स्वीकृत संख्या के अनुपात में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाती थीं। नए नियम लागू होने के बाद अब यह आरक्षण केवल पहली कक्षा तक सीमित रहेगा। इसके चलते नर्सरी और केजी स्तर पर आरटीई के माध्यम से प्रवेश की सुविधा समाप्त हो गई है। शिक्षा विभाग के अनुसार, नियमों में बदलाव के कारण बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश अब सीधे पहली कक्षा में ही संभव होगा। पहले अलग-अलग कक्षाओं के लिए आवेदन की सुविधा थी और नाम न आने की स्थिति में अगले वर्ष पुन: आवेदन किया जा सकता था। अब पहली कक्षा में प्रवेश नहीं मिलने की स्थिति में अभिभावकों को अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।

आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया

पहला चरण: स्कूल प्रोफाइल अपडेट-1 जनवरी से 31 जनवरी,  सत्यापन (नोडल प्राचार्य/बीईओ)- 1 जनवरी से 7 फरवरी,  पंजीयन- 16 फरवरी से 31 मार्च, नोडल वेरिफिकेशन-16 फरवरी से 31 मार्च,  लॉटरी आवंटन-13 से 17 अप्रैल,  स्कूल दाखिला-1 मई से 30 मई

दूसरा चरण: नए स्कूल का पंजीयन- 8 से 20 जून, सत्यापन (नोडल प्राचार्य/डीईओ): 8 जून से 25 जून,  पंजीयन-1 से 11 जुलाई,  नोडल वेरिफिकेशन-1 से 15 जुलाई,  लॉटरी आवंटन- 27 से 31 जुलाई,  स्कूल दाखिला-3 से 17 अगस्त

 इस वर्ष पंजीयन प्रक्रिया  पहले शुरू होगी

शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए आरटीई छात्र पंजीयन पोर्टल 16 फरवरी से खुलेगा। पूर्व में यह प्रक्रिया 1 मार्च से प्रारंभ होती थी। इस वर्ष प्रक्रिया लगभग 15 दिन पहले शुरू की जा रही है। प्रवेश संबंधी संपूर्ण प्रक्रिया 1 जून से 17 अगस्त तक चलेगी।

 

पिछले वर्ष के आंकड़े

पिछले शैक्षणिक सत्र में जिले के 219 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित 2134 सीटों के लिए लगभग 5100 आवेदन प्राप्त हुए थे। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस वर्ष केवल पहली कक्षा में प्रवेश होने के कारण आरक्षित सीटों की संख्या कम होने की संभावना है।

शिक्षा संचालनालय का आदेश

शिक्षा संचालनालय द्वारा 16 दिसंबर को जारी आदेश के अनुसार सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत प्रवेश केवल पहली कक्षा में दिया जाएगा। निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाओं को आरटीई के दायरे से बाहर रखा गया है।

शिक्षा विभाग का कहना है कि जिन निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी कक्षाएं संचालित होती हैं, वहां पहले से अध्ययनरत बच्चे पदोन्नत होकर पहली कक्षा में जाएंगे।

 ऐसे में आरटीई के तहत उपलब्ध सीटों का निर्धारण विद्यालय की स्वीकृत क्षमता के आधार पर किया जाएगा।


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