बलौदा बाजार

नालों पर पुल नहीं, बरसात में होती है परेशानी
20-Apr-2025 3:20 PM
नालों पर पुल नहीं, बरसात में होती है परेशानी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 अप्रैल।
अंचल में सडक़ों की हालात चाहे जैसी भी हो लोग किसी तरह मंजिल तक पहुंची जाते हैं। लेकिन जुमनइया, बंजारी और बिछलावा नालों पर उच्च स्तरीय पुल नहीं होने के कारण खासकर बरसात के दिनों में ग्रामीणों को विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता हैं।

मिली जानकारी के अनुसार सुहेला से सह जिला मुख्यालय भाटापारा मार्ग की डामरीकरण और पडक़ीडीह, रवेली, राव न, हिरमी, मोहरा मार्ग निर्माण की स्वीकृति हुई है और जल्द ही इसमें कार्य भी शुरू हो जाएगा, लेकिन अब बलौदाबाजार, सुहेला, हथबंद, सिमगा मार्ग जर्जर हो चुका है और जिस प्रकार 24 घंटे सीमेंट संयंत्रों के सैकड़ों भारी गाडिय़ां चल रही हैं। बरसात के बाद यह सडक़ मार्ग भी चलने लायक नहीं रह जाएगा। 

भाटापारा सुहेला मार्ग में डिग्गी और जरौद गांव के बीच पडने वाले जमुनइया नाला में बना रपटा मिट्टी मुर्मू के पट जाने से जमीन के लेवल पर आ चुका है जिसके पुनर्निर्माण की मांग पूरे क्षेत्र के लोग लगभग पांच दशक से कर रहे हैं और डेढ़ दशक से ब्रिज विभाग द्वारा सर्वे कर एस्टीमेट भेजे जाने की बात कही जा रही हैं।

अगस्त-सितंबर महीने में होने वाली थोड़ी सी बारिश के बाद पानी पुल के ऊपर चले जाने से कई कई दिनों तक लोगों का आना-जाना बंद हो जाता है और हर साल बाढ़ के पानी से खेलकर नाला पार करने वाले अनेक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। इस दौरान वहां पर एक दो लोगों की जान भी जा चुकी हैं। 

सेतु शाखा के इंजीनियर मुकेश देवांगन ने उक्त संबंध में बताया कि उक्त नालों पर पुल निर्माण के लिए हर साल एस्टीमेट तैयार कर भेजा जाता है परंतु मामला कहीं ना कहीं अटक जाता है और स्वीकृति नहीं मिल पाती हैं।

आकोनी से पडक़ीडीह के बीच बंजारी नाला में 5 साल पहले प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत सडक़ को बना लिया गया जहां पर पुल भी स्वीकृत था जो आज तक नहीं बन सका। इस मार्ग में आमकोनी, टेकरी, अमेठी, जेठानी, मोपर, देवरानी, मलदी और अर्जुनी आदि गांव के सैकड़ो लोग अल्ट्राटेक सीमेंट, श्री सीमेंट और इमामी सीमेंट में काम करने जाते हैं और शिफ्ट ड्यूटी के कारण उनके आने-जाने का समय निश्चित नहीं रहता। वहीं पडक़ीडीह के किसानों के खेत नाला के उसे पर है जिन्हें निराई गुडाई के लिए बारिश के दिनों में नाला पार कर उसे पार जाना पड़ता हैं।

 

2 साल पहले ग्रामीणों ने किया था चक्काजाम 
नयापारा और संकरी गांव के बीच सडक़ और पढऩे वाले विचार बिछलवा नाला में पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने 2 साल पहले सिमगा का बलौदाबाजार मार्ग के नवापारा में 3 दिन तक चक्काजाम कर दिया था और कलेक्टर के आश्वासन के बाद माने थे। परंतु सडक़ और पुल तो आज तक नहीं बन पाया। 

प्रशासन द्वारा उल्टे आंदोलनकारी के ऊपर केस कर दिया गया जिसके कारण ग्रामीण अब मांग करने से भी डरने लगे हैं। आमकोनी से मोपर जेठानी से देवरानी और तुरमा से मिर्गी गांव के बीच बंजारी नाला में पंचायत के माध्यम से बनाए गए पुलों में बने सुराख के कारण यह इतनी खतरनाक हो चुके हैं कि सूखे मौसम में भी फूलों के ऊपर से चलने में डर लगता है।


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