बलौदा बाजार
वरिष्ठ नेता ने पूर्व चुनाव में प्रत्याशी रहे नेता को सुनाई खरी खोटी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 20 अप्रैल। विधानसभा एवं नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की करारी हार के पश्चात कांग्रेसजनों के मध्य तकरार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। हालत यह है कि न्याय यात्रा की रैली के लिए बुलाई गई बैठक में यात्रा पर चर्चा की बजाय एक दूसरे को गद्दार ठहराने और हाथापाई तक जा पहुंची। जहां तक एक वरिष्ठ नेता ने पूर्व चुनाव में प्रत्याशी रहे नेता को जमकर खरी खोटी सुनाई।
बैठने को लेकर प्रारंभ हुई तकरार
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार जिला कांग्रेस कमेटी की नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमित्रा धृतलहरे की अध्यक्षता में 21 अप्रैल को रायपुर में आयोजित न्याय यात्रा के संबंध में बैठक रखी गई थी। किराए के भवन में संचालित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रमुख नेताओं के बैठने के लिए सामने मंच में कुर्सियां लगाई गई थी। वरिष्ठ नेताओं के आने के साथ ही पूरी कुर्सियां लगभग भर चुकी थी और कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका था।
इसी दौरान अचानक पूर्व चुनाव में प्रत्याशी रहे एक प्रमुख नेता का आगमन हुआ परंतु मंच पर अपने लिए कुर्सी न देख का प्रमुख नेता रुष्ट होकर कार्यकर्ताओं के बीच जाकर बैठ गए। तभी नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष ने प्रमुख नेता से मंच पर बैठने का आग्रह किया।
आनन फानन में एक कुर्सी लाकर मंच के सामने किनारे रख दिया गया। जिससे प्रमुख नेता भडक़ उठे उन्हें भडक़ता देख ब्लॉक कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने भी प्रमुख नेता का प्रतिरोध किया।
यही से पूरा मामला बिगड़ता चला गया और प्रमुख नेता के चुनाव के समय मुख्य प्रबंधक रहे उनके समर्थक ब्लॉक कांग्रेस के नेता को गद्दार कहते हुए आप में जा भिड़े नौबत हाथापाई तक जा पहुंची।
बताया जाता है कि इस झूमा झटकी में ब्लॉक कांग्रेस के नेता के हाथ में चोट भी पहुंची हैं। वही स्थिति बिगड़ता देख पूर्व जिला अध्यक्ष व अन्य नेताओं कार्यकर्ताओं ने किसी तरह आधे घंटे की मशककत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया।
प्रमुख नेता पर भडक़े वरिष्ठ नेता
जिला कांग्रेस कार्यालय में इस घटना से घटना से क्षुब्ध वरिष्ठ नेता ने प्रमुख नेता को जमकर खरी-खोटी सुनाया। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेता ने यहां तक कह दिया कि जब से प्रमुख नेता रायपुर छोडक़र बलौदाबाजार की राजनीति करने आए हैं, पूरे जिले के कांग्रेस का माहौल खराब कर रहा हैं।
वहीं वरिष्ठ नेता गुस्सा इतने में भी शांत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मंच पर जितने वरिष्ठ बैठे हैं, उम्र को देखते हुए भविष्य में चुनाव लडऩे की इन सब की कोई संभावना नहीं हैं। प्रमुख नेता यही सब करना चाहते हैं तो भविष्य में अकेले ही चुनाव लडक़र देख ले।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष की राह आसान नहीं
नवनिर्वाचित जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा के लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद का रास्ता इतना आसान प्रतीत नहीं होता हैं। यहां प्रमुख नेता और उनके समर्थक का पृथक तथा वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों का पृथक गुट है। इन सबको साथ साधना फिलहाल जिला अध्यक्ष के लिए आसान तो प्रतीत नहीं होता।


