बलौदा बाजार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार, 19 अप्रैल। ग्राम सुहेला खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण सुहेला से 4 किलोमीटर दूर ग्राम रानी जरोद में शासकीय योजना का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा हैं और पिछले दो माह से राशन नहीं मिलने से वहां के लोगों में आक्रोश का माहौल हैं।
काफी संख्या में उपस्थित ग्राम की महिलाओं सहित भूषण सेन, तीजू राम यादव, गणेशराम साहू, रामकिशन ध्रुव आदि ने बताया कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के मदेनजर हमने अपनी जो थोड़ी बहुत उपज थी उसे सरकारी समिति में भेज दिया। क्योंकि राशन के बिना एक दिन भी भूख नहीं रहा जा सकता और राशन मिल नहीं रहा इसलिए मजबूरी में हम दुकान से ऊंचे दर पर राशन खरीद कर अपने बच्चों का पेट भर पा रहे हैं। ऐसे में सरकारी योजना का क्या लाभ हैं।
गांव के तिलकराम साहू ने बताया कि बीते फरवरी माह में ही हमें सही ढंग से राशन नहीं दिया जा रहा हैं। पिछले महीने तो पंचायत के सेल्समैन ने पंचिंग करने के बाद राशन नहीं दिया और बैरंग लौटा दिया। पंचायत की नवनिर्वाचित सरपंच कांति भोलाराम साहू ने कहा कि लोग रोज मेरे घर में जाकर राशन देने की मांग करते हैं परंतु सचिवों की हड़ताल के कारण हमें अभी तक चार्ज भी नहीं मिल पाया हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि हमारे द्वारा जानकारी देने पर दो-तीन दिन पूर्व जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव ने खाद विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर लोगों को तत्काल राशन देने की मांग की थी परंतु अब तक उस पर भी अमल नहीं किया गया हैं। राशन वितरण करने वाले पंचायत के सेल्समैन राकेश साहू ने बताया कि उन्होंने केवल 9 महीने राशन वितरण का कार्य किया हैं। जिसमें 5 महीने का वेतन नहीं मिल पाया हैं। इसलिए पंचायत चुनाव के पूर्व ही फूड इंस्पेक्टर को इस्तीफा देकर सारी जिम्मेदारी तत्कालीन सरपंच सेवक राम साहू को सौंप दी थी।
सिमगा जनपद के फूड इंस्पेक्टर गुलशन अनंत ने तीन दिनों तक प्रयास के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। वहीं तत्कालीन सरपंच सेवक राम साहू ने गोलमोल जवाब दिया। जिला खाद्य अधिकारी विजय किरण ने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ प्रकरण तैयार किया जा रहा हैं। वहां के लोगों को जल्द राशन वितरण कराया जाएगा।


