राष्ट्रीय

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08-May-2021 10:01 PM 20

चंडीगढ़, 8 मई | पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि लॉकडाउन के उल्लंघन की इजाजत किसी को नहीं है। इस समय महामारी के कारण गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य में सप्ताहांत में तालाबंदी और अन्य प्रतिबंधों के उल्लंघन की अनुमति दी किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को कुचलने का कोई सवाल ही नहीं है। केंद्र के इन कानूनों का उनकी सरकार विरोध करती है। 

मुख्यमंत्री ने बीकेयू (एकता उग्राहन) और बीकेयू (एकता दकौंडा) के नेताओं से आग्रह करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनकी शुक्रवार की टिप्पणी का कोई और मतलब न निकालें। उन्होंने कहा, "किसानों की जिंदगी दांव पर है, उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता है और उन्हें बचाना हर पंजाबी की जि़म्मेदारी है।"

सप्ताहांत के बंद का विरोध करने के संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान के बीच, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक से सभी सप्ताहांत प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने और किसी भी कीमत पर किसी को भी उल्लंघन की अनुमति नहीं देने को कहा था।

किसान नेताओं की दुकानदारों से अपील के बावजूद, शनिवार को राज्य में बड़े पैमाने पर दुकानें बंद रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो किसान संगठनों के नेताओं ने उनके बयान के बारे में गलतफहमी पैदा की और उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रही किसानों की हलचल के बारे में उनके इरादों पर संदेह जताया।

अमरिंदर ने कहा, "मेरी सरकार किसानों के हितों के खिलाफ कैसे जा सकती है, जब केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधानसभा में संशोधन कानून लाने वाली देश की पहली राज्य सरकार है? जहां तक केंद्रीय कानूनों का सवाल है, उनके खिलाफ उनकी सरकार का रुख स्पष्ट और सुसंगत है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "यह देखते हुए कि राज्य की स्थिति बेहद विकट है, यह राजनीति खेलने का समय नहीं है, बल्कि हमारी सारी ऊर्जाओं को हर इंसान के जीवन की रक्षा करने में लगाना है।"

मुख्यमंत्री ने किसानों को कोविड संकट से निपटने में राज्य सरकार को सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों का जीवन और सुरक्षा उनकी सरकार के लिए सर्वोपरि है।

उन्होंने दोहराया कि वह कोविड संकट के बीच पंजाबियों के जीवन को खतरे में डालने की अनुमति किसी को नहीं देंगे।  (आईएएनएस)


08-May-2021 9:59 PM 14

नई दिल्ली, 8 मई | कोविड-19 फैसिलिटी या अस्पताल में भर्ती के लिए कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट दिखाना अब अनिवार्य नहीं है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। कोरोना काल में अस्पताल में भर्ती होने में हो रही दिक्कतों के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब किसी भी कोविड हेल्थ सुविधा में भर्ती होने के लिए कोविड-19 पॉजिटिव रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के भर्ती होने की राष्ट्रीय नीति में कुछ बदलाव किए हैं।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि एक संदिग्ध मामला सीसीसी, डीसीएचसी या डीएचसी के संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश दिया है किसी भी स्थिति में मरीज को इलाज से वंचित नहीं रखा जाएगा, जिसमें ऑक्सीजन या जरूरी दवाएं भी शामिल हैं। किसी और शहर के अस्पताल में मरीज को ले जाने पर भी उन्हें भर्ती करने से मना नहीं किया जा सकता। 

यानी अगर मरीज के पास उस शहर के होने का कोई पहचान पत्र नहीं है तो भी उन्हें भर्ती होने से नहीं रोका जा सकता।

यह निर्देश सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को जारी किया गया है।

मंत्रालय ने ये भी कहा है कि अस्पताल में बेड जरूरतमंद के हिसाब से दिए जाएं। जिन मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, उन्हें नियमों का पालन करते हुए छुट्टी दी जा सकती है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल में प्रवेश जरूरत के आधार पर होना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिन व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती होने की कोई जरूरत नहीं है, उन्हें भर्ती न रखा जाए।

यह आदेश केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी अस्पतालों के साथ ही सभी निजी अस्पतालों में भी लागू होंगे। (आईएएनएस)


08-May-2021 9:44 PM 28

नई दिल्ली, 8 मई | सुप्रीम कोर्ट ने देश में ऑक्सीजन आवंटन को कारगर बनाने के लिए शनिवार को गठित 12-सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) को निर्देश दिया है कि प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऑडिट आयोजित करने के लिए उप-समूह बनाया जाए, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि केंद्र द्वारा आवंटित ऑक्सीजन की आपूर्ति संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश तक पहुंच रही है या नहीं। न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और एम. आर. शाह की एक पीठ ने कहा, ऑडिट आयोजित करने का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई गई ऑक्सीजन आपूर्ति के उचित वितरण के लिए जवाबदेही को सुनिश्चित करना है।

नेशनल टास्क फोर्स के संदर्भ की शर्तों पर विस्तार करते हुए, शीर्ष अदालत ने कहा कि यह चिकित्सा ऑक्सीजन की आवश्यकता, उपलब्धता और वितरण के आधार पर पूरे देश के लिए आकलन और सिफारिशें करेगा।

भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक 12-सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) का गठन किया है। यह टास्क फोर्स पूरे देश के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता, उपलब्धता और वितरण के आधार पर मूल्यांकन करने का काम करेगी।

टास्क फोर्स का उद्देश्य है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मेडिकल ऑक्सीजन का आवंटन वैज्ञानिक, तर्कसंगत और न्यायसंगत आधार पर हो।

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ और एम. आर. शाह की एक पीठ ने कहा, एक आम सहमति बन गई है कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मेडिकल ऑक्सीजन का आवंटन वैज्ञानिक, तर्कसंगत और न्यायसंगत आधार पर किया जाए। इसी समय, लचीलेपन के लिए उन आपात स्थितियों के कारण अप्रत्याशित मांगों को पूरा करने की अनुमति देनी चाहिए, जो आवंटित क्षेत्रों के भीतर उत्पन्न हो सकती हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा, यह आवश्यक है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चिकित्सा ऑक्सीजन आवंटित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के भीतर एक प्रभावी और पारदर्शी तंत्र स्थापित किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए एक नेशनल टास्क फोर्स (राष्ट्रीय कार्य बल) गठित करने पर सहमति व्यक्त की है। इस टास्क फोर्स को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऑक्सीजन के वैज्ञानिक आवंटन के लिए एक कार्यप्रणाली तैयार करने के साथ अन्य चीजों का काम सौंपा जाएगा।

उप-समूहों द्वारा ऑडिट निर्धारित करेगा कि केंद्र सरकार द्वारा आवंटित आपूर्ति संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश तक सही प्रकार से पहुंच रही है या नहीं। 

यह अस्पतालों, स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों और अन्य के लिए आपूर्ति वितरण में वितरण नेटवर्क की प्रभावकारिता, उपलब्ध स्टॉक, पारदर्शिता और जवाबदेही आदि की निगरानी करने का काम करेगा।

पीठ ने कहा कि इस टास्क फोर्स की स्थापना से निर्णय लेने वालों को इनपुट प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

पीठ ने कहा, महामारी के संभावित भविष्य के पाठ्यक्रम पर वर्तमान समय में विचार किया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य की अनुमानित आवश्यकताओं को वर्तमान में वैज्ञानिक रूप से मैप किया जा सकता है और प्राप्त अनुभवों के प्रकाश में इसे संशोधित किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टास्क फोर्स अभी और भविष्य के लिए पारदर्शी और पेशेवर आधार पर महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए इनपुट और रणनीति प्रदान करेगी। टास्क फोर्स वैज्ञानिक, तर्कसंगत और न्यायसंगत आधार पर राज्यों को ऑक्सीजन के लिए कार्यप्रणाली तैयार करेगी। (आईएएनएस)


08-May-2021 9:26 PM 29

जम्मू, 8 मई| पुलिस और सेना के संयुक्त अभियान के दौरान जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। शनिवार को सेना ने एक बयान में कहा कि भारतीय सेना, सीआरपीएफ, एसएसबी और जेकेपी की संयुक्त टीम ने डोडा जिले के चकरंडी गांव के इलाके में एक तलाशी अभियान शुरू किया था।

संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने 40 किलोग्राम उच्च विस्फोटक, चार इलेक्ट्रिकल डेटोनेटर, बिजली के तार, बिजली के स्रोत, छह भारी शुल्क सेल, इन्सुलेशन टेप, प्रेशर कुकर आईईडी 5 लीटर, लोहे के पाइप आईईडी 5 इंच और 1.5 किलोग्राम के लोहे के हथियार बरामद किये।

सेना ने कहा, इन दुर्गम इलाकों में आतंकवादियों ने सुरक्षा की स्थिति को अस्थिर करने के लिए इस्तेमाल किया है, जो सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

डोडा में भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों और उनके कुछ समर्थकों के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए हाल के महीनों में आईईडी, विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद सफलतापूर्वक बरामद किया है। (आईएएनएस)


08-May-2021 9:23 PM 55

चेन्नई, 8 मई | तमिलनाडु में सोमवार से शराब की दुकानें दो सप्ताह के लिए बंद होने जा रही हैं। ऐसे में शराबियों के परिवार के सदस्यों को अपने प्रियजनों के लिए क्या करना चाहिए? एक अनुभवी परामर्शदाता का सुझाव है कि शराब के आदी लोगों को समय-समय पर स्वादिष्ट भोजन खिलाएं, तरल पदार्थो का सेवन बढ़ाएं, सैनिटाइटर और शराब से युक्त अन्य तरल पदार्थो को छिपाकर रखें और उनसे सौम्य और समझदारी से बातचीत करें। कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए तमिलनाडु सरकार ने कड़े तालाबंदी उपायों के तहत दो सप्ताह के लिए शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।

टीटीके अस्पताल की वरिष्ठ परामर्शदात्री जैकलीन डेविड ने कहा, "शराबियों के परिवार के सदस्यों के लिए यह एक मौका है कि वे अपने प्रियजनों की यह आदत दूर करें। लेकिन परिवार के सदस्यों को इस मौके को सलीके से संभालना होगा।"

उन्होंने कहा कि जब कोई शराबी अपने प्रिय पेय से वंचित हो जाता है तो वह निर्लिप्तता के लक्षणों से पीड़ित होता है।

निर्लिप्तता या उदासीनता के लक्षण हैं, गुस्से करना, नाराज रहना, दिमाग में सनसनी, मतिभ्रम, कानों में तरह-तरह की आवाजें गूंजना, नींद न आना, हिंसक व्यवहार वगैरह।

जैकलीन के अनुसार, निर्लिप्तता के लक्षण वालों को बहुत सारी स्वादिष्ट सब्जियां नियमित अंतराल पर खिलाया जाना चाहिए और कोई तरल पदार्थ बार-बार पिलाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "शराबी को पानी में चीनी के साथ नींबू का रस और नमक मिलाकर पीने के लिए दिया जा सकता है या कोई अन्य रस भी पिलाया जा सकता है। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे शराबी को विचलित न होने दें, बातचीत कर उसके दिमाग को व्यस्त रखें। खूब खिलाएं, क्योंकि भूखे पेट रहने पर वह शराब के लिए तरस जाएगा।"

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार के सदस्यों को सैनिटाइजर, आफ्टर शेव लोशन और अल्कोहल युक्त तरल पदार्थो को छुपाकर रखना चाहिए।

साल 2020 के लॉकडाउन के दौरान पानी के साथ पेंट वार्निश पीने से तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी और दो व्यक्तियों ने पानी के साथ आफ्टर शेव लोशन पीने के बाद अपनी जान गंवा दी थी।

जैकलीन डेविड ने कहा कि कई लोगों को पता ही नहीं है कि शराब का लती होना एक मानसिक और तंत्रिका संबंधी बीमारी है, जिसकी चिकित्सा की जरूरत है।

शराब की आदत छुड़ाने के लिए सरकार की कई योजनाएं हैं। पिछले साल लॉकडाउन के दारान सरकारी अस्पतालों ने बेचैन शराबियों को डिटॉक्स दवा दी थी।

इस बीच, सरकार द्वारा दो सप्ताह के लिए शराब की दुकानों को बंद करने की घोषणा के बाद राज्य में शराब की दुकानों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। (आईएएनएस)


08-May-2021 9:06 PM 15

नई दिल्ली: उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है. अब ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 100 से अधिक चिकित्साकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि कुल 110 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं.


हरीश थपलियाल ने बताया कि इन सभी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का कोरोना टीकाकरण हो चुका था. थपलियाल ने कहा कि रोजाना कोविड-19 मरीजों के सीधे संपर्क में रहना इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के संक्रमित होने की वजह हो सकती है. इस समर्पित कोविड-19 अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विजयेश भारद्वाज भी कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं.


आज कितने केस आए?
उत्तराखंड में रोज़ाना कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में 8,390 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं. इस दौरान कोरोना का इलाज करा रहे 118 मरीज़ों की मौत हो गई है.


उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान 4,771 मरीज़ ठीक भी हुए हैं. फिलहाल राज्य में 71,174 कोरोना के एक्टिव केस हैं, यानी जिनका इलाज किया जा रहा है. इन नए मामलों के साथ अब यहां कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 2 लाख 38 हज़ार 383 तक जा पहुंचा है. राज्य में अब मृतकों का आंकड़ा 3548 तक डा पहुंचा है. (एजेंसी)


08-May-2021 8:45 PM 15

नई दिल्ली, 8 मई | देश में बढ़ती कोरोना महामारी ने एक बार फिर लोगों को सड़कों पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिधर एक तरफ अस्पताल में संक्रमित मरीज भर्ती है तो उनके परिजन अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर ही सोने को मजबूर हैं। हालांकि इस तरह परिजन खुद को संक्रमित कर अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार लोगों से घरों में रहने की बात कर रही है तो दूसरी ओर मरीज की चिंता में बेबस परिजन सड़कों पर लावारिस हालात में पड़े हुए हैं। 

दिल्ली के अस्पतालों के बाहर परिजनों को अपने मरीज के पास रुकने का कोई उपाय नहीं मिला तो फुटपाथ पर ही अपने लिए जगह ढूंढली है। दिन हो या रात परिजन फुटपाथ पर ही अपना समय व्यतीत कर रहे हैं।

कुछ मरीज 20 दिनों से फुटपाथ पर सोने को मजबूर हैं, तो कुछ दिल्ली से सटे दूसरे राज्यों से आकर रुक रहे हैं।

दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं। लेकिन मरीज के परिजनों ने अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर ही अस्थाई व्यवस्था कर ली है। मच्छरो से बचने के लिए मच्छर दानी टांगी हुई है, तो लेटने के लिए बिस्तर लगा रखा है।

दिल्ली के करावल नगर निवासी अनिता एलएनजेपी अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर चादर बिछा आराम कर रही है। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि, "20 दिन से अधिक समय से हम यहां रुके हुये हैं, दिन में हम महिलाएं रुकती हैं और रात में घर के अन्य पुरुष आकर फुटपाथ पर सोते हैं।"

दरअसल अनिता की बहन कोरोना संक्रमण के चलते एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं। फिलहाल परिजनों के अनुसार उनकी हालत बेहतर है।

अनिता की तरह ही अन्य मरीजों के परिजन फुटपाथ पर ही सोने पर मजबूर हैं। आस पास गेस्ट हाउस न होना वहीं आर्थिक तंगी से परेशान परिजन इसी तरह अपना गुजर कर रहे हैं।

यूपी के रहने वाले सौरव नोएडा में काम करते हैं, हालांकि उनकी पत्नी का कोरोना संक्रमण का इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि, "30 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया था तब से मैं इसी फुटपाथ पर रुक रहा हूं। हालांकि रात होते ही मैं नोएडा चला जाता हूं क्योंकि अगले दिन पत्नी के लिए खाना बनाकर लाना होता है।"

"रात में फुटपाथ पर रुकना सुरक्षित भी नहीं है इसलिए मैं और इधर नहीं रुकता। एक दो बार अज्ञात लोगों ने एक व्यक्ति का मेरे सामने की मोबाइल छीन लिया, तबसे डर भी लगता है।"

सौरव के अनुसार, कोई न कोई आकर अस्पताल के बाहर खाना वितरित करता है लेकिन वो बस एक ही वक्त का होता है। तीनों वक्त का खाना बाहर खाने के लिए आपकी आर्थिक स्थिति भी ठीक होनी चाहिए।

ये हाल एलएनजेपी अस्पताल का ही नहीं बल्कि दिल्ली के कई अन्य अस्पताल के बाहर परिजन इसी तरह रुकने को मजबूर हैं।  (आईएएनएस)


08-May-2021 8:05 PM 26

 

-अनुराग द्वारी

मुरैना: मध्यप्रदेश के मुरैना का क्राइम ग्राफ हमेशा ऊप रहता. अकसर यहां से अपराध से जुड़ी कोई न कोई खबर सुनने को मिल ही जाती है. अब लॉकडाउन में अपराधियों ने यहां के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ताजा मामला मुरैना के बनखंडी क्षेत्र का है. आज शनिवार की दोपहर बनखंडी रोड के एक किलोमीटर के क्षेत्र में दो दर्जन बाइक सवारों ने कोहराम मचा दिया. बदमाशों ने कई राउंड फायर भी किए. हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने आधा दर्जन से अधिक बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया. बदमाशों की फायरिगं में डॉक्टर के पास जा रही एक महिला गंभीर रूप से जख्मी हुई है. घटना के बाद पुलिस ने कुछ बदमाशों को हिरासत में लिया है. आरोपियों से घटना में शामिल अन्य बदमाशों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है.

विवाद की जड़ में फेसबुक कमेंट

लोगों की मानें तो विवाद की जड़ में फेसबुक पर हुई कमेंटबाजी है. फेसबुक पर एक युवक ने अभद्र टिप्पणी कर दी थी. यह बात  मई की है, तब दोनों पक्ष ने एक दूसरे को धमकी दी थी. लाठी-डंडों से हमला कर एक युवक को मारा पीटा भी गया था. मामला इतना बढ़ा कि रविनगर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव व गोलीबारी होने लगी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था.

हथियारबंद बदमाशों ने बनखंडी में मचाया आतंक

आज दोपहर के वक्त दो दर्जन से अधिक बाइकों पर सवार हथियारबंद नकाबपोशों ने बनखण्डी रोड पर आतंक मचाया. बदमाशों ने क्षेत्र में कई राउंड फायर किए. आधा दर्जन बसों पर गोलियां चलाकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया. कुछ घरों को निशाना बनाकर भी गोलियां चलाईं गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने आधा दर्जन युवाओं को हिरासत में लिया है. कोतवाली पुलिस द्वारा हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों पर कार्यवाही की जा रही है। (ndtv.in)


08-May-2021 8:05 PM 24

अहमदाबाद: गुजरात में कोरोना वायरस को मात देने के बाद कवक संक्रमण ‘म्यूकोरमाइकोसिस' की वजह से आंखों की रोशनी गंवाने के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. यह दावा डॉक्टरों और अधिकारियों ने शनिवार को किया. सूरत के किरण सुपर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के अध्यक्ष माथुर सवानी ने बताया कि कोविड-19 से तीन हफ्ते पहले ठीक हुए मरीज में म्यूकोरमाइकोसिस का पता चला है. सवानी ने बताया, ‘‘यह संख्या 50 तक पहुंच गई है जबकि 60 और मरीज इसके इलाज का इंतजार कर रहे हैं.''

सवानी ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया कि धर्मार्थ संस्था द्वारा संचालित उनके अस्पताल में सूरत और गुजरात के अन्य इलाकों से ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनमें म्यूकोरमाइकोसिस संक्रमण होने का पता चला है. सवानी ने बताया, ‘‘इस समय 50 मरीजों का किरण अस्पताल में म्यूकोरमाइकोसिस का इलाज चल रहा है जबकि 60 अन्य मरीज इलाज का इंतजार कर रहे हैं. वे सभी मरीज गत तीन हफ्ते में आए हैं. म्यूकोरमाइकोसिस से पीड़ित सभी मरीज हाल में कोविड-19 से ठीक हुए थे.'' उनके मुताबिक अब तक सात लोग अपनी आंखों की रोशनी खो चुके हैं.

रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर प्रभारी डॉ केतन नाइक ने बताया कि म्यूकोरमाइकोसिस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सूरत सिविल अस्पताल में उनका इलाज करने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है.

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में आंख-कान-नाक के डॉक्टर देवांग गुप्ता ने बताया, ‘‘यहां हमारे पास रोज पांच से 10 मरीज म्यूकोरमाइकोसिस के आ रहे हैं, खास तौर पर कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बाद. इन मरीजों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और यथाशीघ्र ऑपरेशन किया जा रहा है.'' 

उन्होंने बताया कि मानव बल, उपकरण, इंजेक्शन सहित तमाम संसाधन सरकार ने म्यूकोरमाइकोसिस मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध कराए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘पांच में से एक मरीज आंखों से जुड़ी समस्या लेकर आ रहा है. उनमें से कई अंधेपन का सामना कर रहे हैं.''

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने भी शुक्रवार को कहा था कि कोविड-19 मरीजों में म्यूकोरमाइकोसिस के मामले आ रहे हैं. (ndtv.in)


08-May-2021 8:03 PM 39

नई दिल्ली: राजस्थान के सीकर जिले के एक गांव में कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति की मौत होने पर कथित तौर पर उसे बिना किसी प्रोटोकॉल के दफन कर किया गया. इसके बाद 21 लोगों की मौत हो गई. हालांकि अधिकारियों ने कहा कि 15 अप्रैल से 5 मई के बीच कोरोना वायरस से केवल चार मौतें हुई हैं. अधिकारियों के अनुसार, एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव को 21 अप्रैल को खीरवा गांव लाया गया था और लगभग 150 लोगों ने उसके अंतिम संस्कार में भाग लिया था. उसे कोरोनो वायरस प्रोटोकॉल का पालन किए बिना दफन किया गया था. उन्होंने कहा कि शव को प्लास्टिक की थैली से बाहर निकाला गया और कई लोगों ने उसे दफनाने के दौरान छुआ.

लक्ष्मणगढ़ के एसडीओ कुलराज मीणा ने शनिवार को पीटीआई को बताया कि "21 मौतों में से कोविड-19 की वजह से केवल 3-4 मौतें हुई हैं. मरने वालों में अधिकांश वृद्ध लोग हैं. हमने 147 परिवारों के सदस्यों के सैंपल लिए हैं. इनकी जांच इसलिए की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यहां सामुदायिक संक्रमण तो नहीं हुआ है."

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने गांव में स्वच्छता अभियान चलाया है. ग्रामीणों को समस्या की गंभीरता के बारे में समझाया गया है और अब वे सहयोग कर रहे हैं.

सीकर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजय चौधरी ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों से एक रिपोर्ट मांगी गई है जिसके बाद वह इस मामले पर कोई टिप्पणी कर पाएंगे.

खीरवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र में आता है. उन्होंने संक्रमित व्यक्ति के शव को दफनाने के बाद हुई मौतों की जानकारी पहले सोशल मीडिया पर साझा की थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया. उन्होंने ट्वीट किया था, "गहरे दुख के साथ मुझे यह कहना पड़ रहा है कि 20 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई लोग संक्रमित हैं." (ndtv.in)


08-May-2021 7:09 PM 30

सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के खीरवा गांव में बीते 21 दिन में 21 लोगों की मौत होने से हड़कंप मच गया है. इसकी शुरुआत कोरोना संक्रमण से मरने वाले एक व्यक्ति को कथित तौर पर प्रोटोकॅाल का पालन किए बिना दफनाने के बाद हुई. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि गांव में 15 अप्रैल से पांच मई के बीच कोरोना वायरस संक्रमण के कारण केवल चार मौत हुई हैं. उनके अनुसार गांव के एक व्यक्ति की कोविड 19 से गुजरात में मौत हो गई थी. बीते 21 अप्रैल को उसका शव उसके गांव खीरवा गांव लाया गया था. यहां उसकी अंतिम यात्रा में लगभग 150 लोग शामिल हुए थे, इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि शव यहां थैले में आया था लेकिन लोगों ने उसे प्लास्टिक के थैले से निकाल लिया और कई लोगों ने इस प्रक्रिया में शव को छुआ भी था. लक्ष्मणगढ़ के उपखंड अधिकारी कलराज मीणा ने शनिवार को बताया कि 21 में से केवल तीन या चार लोगों की मौत ही कोरोना वायरस के कारण हुई है. ज्यादा मौतें अधिक आयु वाले समूह में हुई हैं. इसके बावजूद हमने जिन परिवारों में मौतें हुई हैं उनके परिवारों में से 147 लोगों के नमूने लिए हैं ताकि कोरोना वायरस के सामुदायिक स्तर पर सक्रंमण की स्थिति स्पष्ट हो सके.

स्थानीय टीम की रिपोर्ट के बाद पता चलेगा मौत का कारण

मीणा ने बताया कि प्रशासनिक अमले ने गांव को संक्रमण मुक्त बनाने का काम किया है. लोगों को बीमारी
और हालात की गंभीरता के बारे में बताया गया है और अब वो सहयोग कर रहे हैं. वहीं, सीकर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि इस बारे में स्थानीय टीम से रिपोर्ट मांगी गई है और रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही वो इस संबंध में कुछ टिप्प्णी कर पाएंगे.

बता दें कि खीरवा गांव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्वाचन क्षेत्र में आता है. उन्होंने ही इन मौतों के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी. हालांकि, कुछ लोगों की आपत्ति के बाद उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी. डोटासरा ने ट्वीट किया था कि एक शव को छूने के बाद पूरा गांव संकट में आ गया है. (news18.com)


08-May-2021 7:08 PM 52

 

-निमिष गोस्‍वामी

अयोध्या. पश्चिम बंगाल में हो रहे हिंसा को लेकर अयोध्या के संत नाराज हैं. तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास बंगाल की हिंसा को लेकर आंदोलित हो गए हैं. उन्होंने बीते दिनों उपवास सत्याग्रह किया था और अब ममता बनर्जी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल दिया है. बंगाल में बढ़ती राजनीतिक हिंसा से आहत संत परमहंस दास ने आज रामघाट तपस्वी जी की छावनी में अपनी चिता सजाकर उसकी पूजा की. संत ने चिता को साक्षी मानकर ऐलान किया है कि 24 मई तक पश्चिम बंगाल के हालात नहीं सुधरे तो 25 मई को वे आत्मदाह कर लेंगे.

प. बंगाल में हुई लाखों लोगों की हत्या : महंत परमहंस दास

परमहंस दास ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में लाखों लोगों की हत्या हुई है जिसे ममता बनर्जी छुपा रही हैं. महंत परमहंस दास ने कहा कि जब वहां पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हाई सिक्योरिटी के बावजूद हमला हो सकता है, तो वहां पर आम पब्लिक की क्या स्थिति होगी. 16 अगस्त 1946 में जिस तरह से कलकत्ता किलिंग हुई थी, डायरेक्ट एक्शन जिसका नाम दिया गया था, आज वही हालत वेस्ट बंगाल की हो गई है. महंत परमहंस दास ने बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए मांग की कि पश्चिम बंगाल से घुसपैठिए रोहिंग्या मुसलमानों को बाहर किया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि पश्चिम बंगाल के हालात बहुत खराब हैं. वहां के पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए. जिनका घर जलाया गया है, उनको घर मिलना चाहिए. साथ ही बतौर मुआवजा उन्हें एक करोड़ रुपए और मृतकों के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी भी दिया जाना चाहिए.

महंत ने की बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान और नतीजों के बाद राज्य से हिंसा की खबरें आती रही हैं. इस स्थिति से आहत महंत परमहंस दास ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने चुनाव के बाद ही कह दिया था कि खेला होबे. जब से चुनाव जीती हैं, तब से लगातार वहां पर राजनीतिक हिंसा हो रही है. लोगों को मारा जा रहा है. आग लगाई जा रही है. परमहंस दास ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पश्चिम बंगाल में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाया जाए और वहां दोबारा चुनाव करवाया जाए. घुसपैठिए रोहिंग्या मुसलमानों की नागरिकता समाप्त कर उन्हें देश से बाहर कर दिया जाए. परमहंस दास ने मोदी से मांग की है कि पश्चिम बंगाल को दूसरा पाकिस्तान बनने से बचाएं. (news18.com)


08-May-2021 7:07 PM 25

-रवि सिंह

नई दिल्ली. कोरोना के मुद्दे पर शनिवार को 25वीं ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक हुई. जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने की. इस दौरान हर्षवर्धन ने लोगों से अपील की कि वो कोरोना के टीके की सेकेंड डोज जरूर लें. इस बैठक में ये जिक्र किया गया कि कोरोना मरीजों की रिकवरी बढ़ रही है पिछले 24 घंटे में 3 लाख लोग रिकवर हुए. 180 जिलों में पिछले 7 दिनों में कोई नया केस नहीं. इसके अलावा 18 जिलों में पिछले 14 दिनों से और 54 जिलों में 21 दिनों से, 32 जिलों में 28 दिनों से नए केस नहीं है.

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को बताया गया कि देश में 4,88,861 मरीज ICU में हैं, जबकि 1,70,841 मरीज वेंटिलेटर पर है. 9,02,291 मरीज़ ऑक्सीजन सपोर्ट पर है. वहीं, देश में 16.73 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है. हर्षवर्धन ने कहा कि 53,25000 डोज पाइपलाइन में जो राज्यों को सप्लाई की जाएगी. बढ़ते केस को देखते हुए टायर- 2/3 शहरों में टेस्टिंग और हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की जरूरत है.

देश में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 मौत, संक्रमण के 4,01,078 नए मामले : सरकार

भारत में आज शनिवार को एक दिन में कोविड-19 से रिकॉर्ड 4,187 मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है, जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,18,92,676 हो गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 37,23,446 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 17.01 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 81.90 प्रतिशत हो गई है. आंकड़ों के मुताबिक संक्रमण से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 1,79,30,960 हो गई है जबकि संक्रमण से मृत्यु दर 1.09 फीसदी दर्ज की गई है.

यहां सबसे अधिक मौतें

मौत के नए मामलों में, सर्वाधिक 898 मौत महाराष्ट्र में, कर्नाटक में 592, उत्तर प्रदेश में 372, दिल्ली में 341, छत्तीसगढ़ में 208, तमिलनाडु में 197, पंजाब में 165, राजस्थान में 164, हरियाणा में 162, उत्तराखंड में 137, झारखंड में 136, गुजरात में 119 और पश्चिम बंगाल में 112 लोगों की मौत हो गई.


08-May-2021 4:48 PM 44

-संजय कुमार

पटना. पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के प्रशिक्षण केंद्र पर खड़ी एम्बुलेंस मामले में उनसे मिली चुनौती का करारा जवाब देते हुए जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने शनिवार को 40 लाइसेंस धारी ड्राइवर खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को जहां भी एम्बुलेंस ड्राइवर की जरूरत हो, वे लें जाएं. इसके लिए उन्होंने जाप के राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद सिंह का नंबर 9334123702 जारी किया और कहा कि सरकार इन ड्राइवर को सरकारी नौकरी भी दे. साथ ही उन्होंने महामारी एक्ट के तहत भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी पर मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की. उन्होंने मुख्यमंत्री से कौशल विकास के नाम पर हुए घोटाले की जांच की भी मांग कर दी.

पप्पू यादव ने ये बातें शनिवार को पत्रकारों से की. इस दौरान उन्होंने राजीव प्रताप रूडी और उनके समर्थकों पर अप्रत्यक्ष रूप से धमकी देने का आरोप लगाया और कहा कि अगर जरूरत होगी तो हम ऑडियो भी पब्लिक करेंगे. साथ ही पप्पू यादव ने ये भी कहा कि अगर हमें मार देने से बिहार की जनता को एम्बुलेंस, दवाई, ऑक्सीजन आदि मिल जाये तो हम इसके लिए तैयार हैं. पप्पू यादव ने कहा, ''राजीव रूडी से मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन उन्होंने जिस तरह से मुझे धमकी दी और राजनीति का आरोप लगाया तो बस यही कहूंगा कि राजनीति कौन नहीं करता है. नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी, जार्ज फर्नांडिस जैसे दिग्गज लोग भी तो राजनीति करते रहे हैं.''

पप्पू यादव ने सीएम नीतीश पर साधा निशाना

पप्पू यादव ने कहा, ''प्रताप रूडी, आपने तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ NH के पास परिवहन क्षेत्र में संभावित रोजगार सृजन के लिए कुशल चालकों के प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया था. फिर यह बंद क्यों हुआ? आपको भ्रष्टाचार के आरोप में मंत्री पद से हटाया गया. भाजपा को तो आपकी करतूत मालूम है. आप ही बताइए सरकारी पैसे का एम्बुलेंस निजी घर में क्या कर रहा है?  आप हमारे भाई हैं. धमकी न दीजिये. सारण की जनता ने जो जिम्मेदारी दी है, वो निभा लीजिये. जनता के भरोसे पर आप चुनकर गए हैं, अगर आप अपनी जिम्मेदारी लें, लें तो हम खुद घर बैठ जायेंगे. लेकिन अगर आप भूलेंगे, तो हम आपको जगायेंगे. रही बात खत्म होने की तो जो आदमी दिन रात एक कर लाशों की बीच जिंदगी गुजार रहा है उसे मत डराइए. मैंने जनता के सवाल को उठाया और आप व आपके लोग मेरा अंतिम करने में लग गए।.जिसके घर शीशे के हों वो पत्थर नहीं फेंकते. आप कहते हैं ड्राइवर नहीं है. आपके यहां से ही कल से आज तक कई लोगों ने ड्राइवर देने की बात कही है. थोड़ा शर्म करिये.''
ये भी पढ़ें: बड़ी खबर: हरियाणा में मिलेगी डोर-टू-डोर ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिलिंग की सुविधा

वहीं, पप्पू यादव ने सिवान कोविड सेंटर के बहाने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से भी आग्रह किया कि कम से कम वे अपने गृह जिले में ICU, वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था कर लेते. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री हमारे मित्र हैं. मैं उनसे आग्रह करूंगा की कि वे सिवान में तो लोगों को असप्तालों में सुविधा मुहैया कराए. वहां ICU नहीं है. वेंटीलेटर नहीं है. ऑक्सीजन नहीं है. रेमडीसीवीर सिर्फ 40 मिला है, जबकि लोग 100 भर्ती हैं. आपके इस्तीफे के लिए ट्विटर पर लाखों ट्वीट हो चुके हैं, लेकिन वक्त काम करने का है. आपको जो जिम्मेदारी बिहार की जनता ने दी है, उसे निभाइए. (news18.com)


08-May-2021 4:48 PM 26

 

-अनामिका सिंह

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का कहर जारी है. इस संक्रमण ने अब तक कई माननीयों की जान ले चुका है. जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर में उत्तर प्रदेश विधानसभा से पिछले एक साल में 13 सदस्यों का निधन हो चुका है. वहीं पिछले 15 दिन में ही भारतीय जनता पार्टी के 4 विधायकों का कोरोना से निधन हुआ है. जिसमें 23 अप्रैल को लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश श्रीवास्तव, औरैया के रमेश चंद्र दिवाकर, 28 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार और 7 मई को रायबरेली की सलोन विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी का निधन हो गया.

वहीं कोरोना की पहली लहर आने से अब तक पिछले साल कानपुर देहात के घाटमपुर से विधायक और पूर्व मंत्री कमला रानी वरुण, अमरोहा की सादात सीट से विधायक और कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह चौहान का निधन हुआ था. जौनपुर की मल्हनी से पूर्व विधायक पारसनाथ यादव और देवरिया सदर के विधायक जन्मेजय सिंह का भी कोरोना से निधन हुआ था.

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इसके अलावा 17वीं विधानसभा में चुनकर आये आगरा सदर के पूर्व विधायक जगन, प्रतापगढ़ कानपुर देहात के पूर्व विधायक मथुरा प्रसाद पाल, निघासन लखीमपुर खीरी से पूर्व विधायक राजकुमार वर्मा, नूरपुर बिजनौर के पूर्व विधायक लोकेंद्र सिंह सहित बुलंदशहर सदर के पूर्व विधायक विरेंद्र सिंह सिरोही का भी निधन हो चुका है.

सपा और बसपा के भी कई वरिष्ठ नेता हुए शिकार

इस तरह कोरोना की दूसरी लहर में अभी तक भाजपा के 4 विधायकों की जान जा चुकी है. नुकसान समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी उठाया है. सपा और बसपा के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक कोरोना की दूसरी लहर के शिकार हुए हैं. बता दें कि यूपी की विधानसभा में विधायकों के 403 पद हैं. इनमें से भारतीय जनता पार्टी के 307, समाजवादी पार्टी के 49 और बहुजन समाज पार्टी के 18 विधायक हैं. (news18.com)


08-May-2021 4:47 PM 23

 

नई दिल्ली. ऑक्सीजन की कमी से लगातार जूझ रही दिल्ली को शुक्रवार को 487 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई ही मिली. इसका खुलासा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली को कल केवल 487 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिली है. जो कि बहुत कम है, जबकि वर्तमान में लगभग 700 मीट्रिक टन की जरूरत है.

डिप्टी CM ने कहा कि इतनी कम ऑक्सीजन के साथ सभी अस्पतालों के लिए उचित आपूर्ति का प्रबंधन करना हमारे लिये कठिन होगा. हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली को प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन  उपलब्ध कराने के निर्देशानुसार, केंद्र सरकार से उतनी ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का आग्रह करते हैं.

बता दें कि इस हफ्ते केवल मंगलवार को 730 मिट्रिक टन ऑक्सीजन मिली है. केंद्र से मिली मदद के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक खत के जरिए केंद्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया था. साथ ही दिल्ली को निरंतर ऑक्सीजन सप्लाई करते रहने की मांग भी रखी थी. सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी मोदी को लिखे खत में कहा, ''मैं कल दिल्ली के लोगों की ओर से 730 मिट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए आभार व्यक्त करता हूं. मेरा आपसे अनुरोध है कि आप दिल्ली को रोजाना उतनी ही मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति करें.'’

ऑक्सीजन की कमी से नहीं जाये किसी की जाान
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज की अधिकारियों के साथ एक मीटिंग में कहा कि दिल्ली में अब ऑक्सीजन की स्थिति कंट्रोल में आ रही है, इसलिए अब ऑक्सीजन की कमी की वजह से एक जान भी नहीं जानी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कहीं भी बेड की कमी नहीं होनी चाहिए. 3 महीने में दिल्ली में वैक्सीनेशन ड्राइव खत्म होना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने कहा कि DM हर रोज 2 या 3 वेक्सीनेशन सेंटर का निरक्षण करें, रिलीफ कैम्प और ओल्ड ऐज होम में सरप्राइज विजिट करें. (news18.com)


08-May-2021 4:46 PM 20

-मनोज राठौड़

भोपाल. मध्य प्रदेश के लिए राहत भरी, अच्छी खबर है. जिस ऑक्सीजन के लिए अभी तक मारामारी हो रही थी, वो अब पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. ऑक्सीजन अब डिमांड से ज्यादा सप्लाई हो रही है. अब प्रदेश में 545 टन की जगह 650 टन ऑक्सीजन रोज मिल रही है. भोपाल समेत बड़े शहरों में ऑक्सीजन मिलने की वजह से अस्पतालों का बैकअप भी बढ़ गया है.

जानकारी के मुताबिक, भोपाल में 105 टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है. यह जरूरत से 5 टन ज्यादा है. अस्पतालों का ऑक्सीजन बैकअप भी 10 घंटे तक पहुंच गया है. इंदौर में भी औसतन रोज 123 टन ऑक्सीजन मिल रही है. भोपाल के सबसे बड़े प्रोसेसिंग प्लांट भारतीय एयर प्रोडक्ट से भोपाल के साथ सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है.

24 घंटे में मिले 11708 मरीज

ध्य प्रदेश में 24 दिन से लॉकडाउन, फिर कोरोना के नए केस मिलने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है. 24 घंटे के अंदर कोरोना  के 11708 नए केस मिले हैं. वहीं 4815 लोग ठीक होकर अपने घर लौट गए. 24 घंटे के अंदर प्रदेश में 84 लोगों के संक्रमण से मौत की पुष्टि हुई है. इन नए केस के साथ ही अब मध्य प्रदेश में 6 लाख 49 हजार 114 लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 6,244 की कोरोना संक्रमण से मौत की पुष्टि हुई है. अब मध्य प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 95,423 हो गई है. अब तक 5,47,447 लोग रिकवर हो गए हैं.

कोरोना कर्फ्यू 15 मई तक बढ़ाया गया 

मध्य प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू शनिवार 15 मई तक बढ़ा दिया गया है. प्रदेश में वीकएंड कर्फ्यू पहले से ही लागू होने के कारण इसकी अवधि 17 मई की सुबह 6 बजे तक रहेगी. शिवराज सिंह चौहान ने आज इसका ऐलान किया. उन्होंने अपने वर्च्युअल संबोधन में प्रदेश में कोरोना मरीज़ों का पॉजिटिविटी रेट घटने पर तसल्ली ज़ाहिर की. साथ ही कहा अभी भी संकट टला नहीं है. सबके सहयोग से ही कोरोना से निपटा जा सकता है. (news18.com)
 


08-May-2021 4:46 PM 28

 

-दिनेश पटेल

भदोही. यूपी के भदोही जिले में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार देर रात 7 महिलाएं और 2 बच्चे जहरखुरानी का शिकार हो गए. महिलाएं जिन्होंने सोने के जेवरात पहन रखी थी, उसको लेकर बदमाश फरार हो गए हैं. बेहोशी की हालत में सभी महिलाओं और बच्चों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया.

जानकारी के मुताबिक, गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के उत्सव मैरिज लॉन में तिवारीपुर बैदा गांव निवासी राजेन्द्र मिश्रा की भतीजी की शादी थी. उसमें शामिल होने के लिए घर की महिलाएं और कुछ रिश्तेदार पहुंचे हुए थे. देर रात जब शादी समारोह संपन्न हो रहा था उसी दौरान आशंका जताई जा रही है कि मैरिज लॉन के कमरे में बैठी महिलाओं को किसी ने चाय में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया जिससे महिलाएं बेहोश हो गई. उसके बाद जेवरात लेकर बदमाश फरार हो गए हैं.

सुबह विदाई के बाद जब महिलाओं को उठाया गया तो वह उठी नहीं तब परिजनों को घटना की जानकारी हुई. महिलाओ के परिजनों के मुताबिक अभी तक तीन सोने की चैन गायब है. परिजनों ने कहा कि जब महिलाएं होश में आएंगे तब और पता लगेगा कि और कौन-कौन से जेवरात गायब हुए हैं. लेकिन अभी तक 4 लाख रुपया के करीब के जेवरात गयाब होने का आरोप परिजनों ने लगाया है.
मामले में क्राइम ब्रांच समेत गोपीगंज कोतवाली पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है. मैरिज लॉन में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है. साथ ही कैटरिंग में लगे कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. एसपी ने बताया घटना सामने आने के बाद कई लोगों से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. (news18.com)


08-May-2021 1:40 PM 20

नई दिल्ली, 8 मई | फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम ने एक तकनीकी बग के लिए माफी मांगी है, जिसने वैश्विक स्तर पर सामाजिक कार्यकतार्ओं सहित लाखों उपयोगकर्ताओं द्वारा लिखी पोस्ट को हटा दिया है।

इंस्टाग्राम हेड एडम मोसेरी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि मंच ने एक तकनीकी बग का अनुभव किया, जिसने दुनिया भर के लाखों लोगों की कहानियों, हाइलाइट्स और अभिलेखागार को प्रभावित किया।

मोसेरी ने बताया कि इस बग से प्रभावित लोगों के लिए, उन्होंने अपनी कहानियों को देखा जो फिर से साझा करने वाली पोस्ट गायब थीं और उनके संग्रह और हाइलाइट्स कहानियां गायब थीं।

यह तकनीकी समस्या नेशनल डे ऑफ अवेयरनेस ऑफ मिसिंग एंड मर्डरड इंडिजिनस वुमेन के आसपास दिखाई दी, जिसमें रेड ड्रेस जैसी संस्थाओं ने सवाल उठाया कि क्या उनके पोस्ट जानबूझकर डिलीट किए गए थे।

इंस्टाग्राम प्रमुख ने कहा, "इस महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इंस्टाग्राम पर हमारे स्वदेशी समुदाय का समर्थन करने के लिए यह दिन अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "हम उन सभी से माफी मांगते हैं जिन्होंने महसूस किया कि वे इन अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण चाजों पर ध्यान नहीं दे सके।"

इंस्टाग्राम ने पहले के एक ट्वीट कर कहा था कि कुछ लोगों को कहानियां अपलोड करने और देखने में परेशानी हो रही है।

उन्होंने कहा, "यह एक व्यापक वैश्विक तकनीकी समस्या है जो किसी चीज से संबंधित नहीं है और हम इसे अभी ठीक कर रहे हैं। हम जल्द से जल्द उस बारे में एक अपडेट देंगे।"

मोसेरी ने कहा कि कई लोगों को लगा कि कंपनी "उनके कंटेंट इसलिए हटा रही है कयिोंकि उन्होंने पोस्ट में गलत हैशटैग का इस्तोमाल किया।"

"लेकिन यह बग से संबंधित नहीं था, बल्कि एक व्यापक मुद्दा था जिसे अब ठीक कर दिया गया है।" (आईएएनएस)
 


08-May-2021 1:20 PM 19

नई दिल्ली,  8 मई : ब्रिटेन भेजे जाने वाली 'कोविशिल्ड' वैक्सीन की 50 लाख डोज का इस्तेमाल अब भारत में ही किया जाएगा. ये डोज देश के 21 राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में 18-44 उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है. इन डोज को पहले सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा ब्रिटेन भेजा जाना था.

केंद्र सरकार का इन डोज को 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित करने का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में डायरेक्टर (सरकार एवं नियामक मामलों) प्रकाश कुमार सिंह ने हाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर इसके लिए अनुमति मांगी थी. सीरम इंस्टीट्यूट ने 23 मार्च को मंत्रालय से कोविशील्ड की 50 लाख खुराक की आपूर्ति ब्रिटेन को करने की अनुमति मांगी थी. सीरम इंस्टीट्यूट ने इस संबंध में एस्ट्राजेनेका के साथ एक समझौते का हवाला दिया था और भारत को भरोसा दिया था कि इस आपूर्ति से उसका कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण कार्यक्रम प्रभावित नहीं होगा.

राज्यों से तुरंत वैक्सीन खरीदने का अनुरोध
मंत्रालय ने राज्यों से कंपनी से संपर्क करने और खरीद गतिविधि को तुरंत शुरू करने के लिए कहा है. कुछ राज्यों को 3,50,000 खुराकें आवंटित की गई हैं. अन्य को 1-1 लाख खुराकें मिली हैं और दो अन्य को 50-50 हजार खुराकें मिली हैं. इन टीकों पर कोविशील्ड नहीं बल्कि ‘कोविड-19 वैक्सीन एस्ट्राजेनेका’ का लेबल लगाया गया है.

भारत में अब हर दिन चार लाख से ज्यादा कोरोना के नए केस सामने आ रहे हैं. देश में कोरोना के कुल मामले बढ़कर 2 करोड़ 18 लाख हो गए, जबकि 24 घंटे के भीतर चार हजार से ज्यादा मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 2 लाख 38 हो गई. (abplive.com)


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