सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 6 मार्च। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में होली पर्व हर्षोल्लास और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में सरगुजा संभाग की ब्रह्माकुमारीज संचालिका बीके विद्या दीदी ने उपस्थित लोगों को होली पर्व का आध्यात्मिक महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि होली पर्व का पहला दिन बुराइयों को जलाने का प्रतीक है और दूसरे दिन आपसी मिलन व मिठास बांटने का संदेश देता है। बीके विद्या दीदी ने होली के तीन अर्थ बताते हुए कहा कि पहला अर्थ पवित्रता है, दूसरा अर्थ ‘परमात्मा की हो ली’ अर्थात स्वयं को परमात्मा को समर्पित करना और तीसरा अर्थ ‘हो ली’ यानी बीती बातों को भुलाकर आगे बढऩा है।
उन्होंने कहा कि इस दिन मनुष्य को अपने अंदर के विकार जैसे काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या और जलन को त्याग देना चाहिए। इन बुराइयों को जलाना ही वास्तविक होलिका दहन है। जब मनुष्य परमात्मा के ज्ञान से जुड़ता है तो उसके जीवन में सुख, शांति, प्रेम, आनंद, शक्ति और पवित्रता का रंग भर जाता है, जिसे दुनिया की कोई ताकत मिटा नहीं सकती।
कार्यक्रम को गीत, कविता, चुटकुले और नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से आकर्षक बनाया गया। इस अवसर पर रश्मि चरियानी, नवा बिहान टीम की वंदना दत्ता, मंगल पांडे, अनिल मिश्रा, अजय तिवारी सहित ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को होली पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।


