सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 28 अप्रैल। अंबिकापुर शहर के पुराने जलस्रोतों को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रशासन और नगर निगम ने मंगलवार को भातूपारा तालाब पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। सुबह से ही निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची और तालाब को पाटकर किए गए अवैध कब्जे को हटाने का कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, रिंग रोड से लगे भातूपारा क्षेत्र में स्थित इस पुराने तालाब के बड़े हिस्से को एक होटल संचालक द्वारा अवैध रूप से पाट दिया गया था। बताया जा रहा है कि होटल के संचालक ने तालाब की भूमि पर मिट्टी भरवाकर बाउंड्रीवाल तक खड़ी कर दी थी। लगभग 12 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस तालाब का अधिकांश हिस्सा पाट दिया गया था, जिससे वर्तमान में केवल करीब 2 एकड़ क्षेत्र ही शेष रह गया था। इसको लेकर स्थानीय लोगों में लंबे समय से आक्रोश बना हुआ था।
मामले में मोहल्लेवासियों और स्थानीय पार्षदों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही थी। साथ ही तालाब के प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को बाधित किए जाने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न होने लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम द्वारा होटल संचालक मुकेश अग्रवाल को पूर्व में नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप द्वारा 13 अप्रैल को जारी नोटिस में खसरा क्रमांक 4740/3 की 73 डिसमिल भूमि पर किए गए अतिक्रमण को सात दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की। मंगलवार को निगम की टीम ने चार जेसीबी और डंपरों की सहायता से तालाब में डाली गई मिट्टी हटाने का कार्य प्रारंभ किया तथा अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवाल को भी ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि तालाब पर हुए अतिक्रमण की विस्तृत जांच राजस्व विभाग के माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के जलस्रोतों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि भातूपारा तालाब को जल्द ही उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा। यह तालाब शहर के प्रमुख जलस्रोतों में से एक रहा है, जिसका संरक्षण पर्यावरण और जल संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।


