सरगुजा

एक हजार रुपए में चल रहा आंबा केंद्र, कार्यकर्ता मुख्यालय में निवासरत
06-Feb-2026 9:12 PM
एक हजार रुपए में चल रहा आंबा केंद्र, कार्यकर्ता मुख्यालय में निवासरत

 पहाड़ी कोरवा जनजाति की गर्भवती महिलाओं और बच्चों को नहीं मिल रहा पोषण आहार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

लखनपुर, 6 फरवरी। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ता जिला अथवा ब्लॉक मुख्यालय में निवास कर रही हैं, जिससे केंद्रों का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार इसका असर गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और छोटे बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें पूरक पोषण आहार और रेडी टू ईट सामग्री नियमित रूप से नहीं मिल पा रही है।

यह मामला विकासखंड के ग्राम रेंमहलां (पुटूपारा) और राई भावना से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुटूपारा आंगनबाड़ी केंद्र में पदस्थ कार्यकर्ता ज्योति लकड़ा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में निवास करती हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन गांव की ही महिला शांति खेस से 1000 रुपए प्रतिमाह में कराया जा रहा है। केंद्र की साफ-सफाई, बच्चों की देखरेख और भोजन बनाने का काम शांति खेस द्वारा किया जाता है, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र में कम ही उपस्थित रहती हैं।

दूसरा केंद्र भी अनियमित

ग्राम राई भावना स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि यहां की कार्यकर्ता पूजा यादव अपने मायके ग्राम बकमेर में रहती हैं। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र नियमित रूप से नहीं खोला जाता। उनका कहना है कि बीते दो दिनों से आंगनबाड़ी केंद्र बंद है, जिसके कारण क्षेत्र में रहने वाली पहाड़ी कोरवा जनजाति की गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गर्म भोजन, पूरक पोषण आहार, रेडी टू ईट और अंडा उपलब्ध नहीं हो सका है।

राई भावना आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 6 माह से 3 वर्ष आयु वर्ग के दो तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग का एक गंभीर कुपोषित बच्चा चिन्हित है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र के नियमित संचालन न होने से इन बच्चों को निर्धारित पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत शांति खेस ने बताया कि उन्हें 1000 रुपए प्रतिमाह पर काम पर रखा गया है। उनके अनुसार वे प्रतिदिन केंद्र की साफ-सफाई, बच्चों की देखभाल और भोजन बनाने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अंबिकापुर में रहती हैं और कभी-कभार ही केंद्र आती हैं। शांति खेस के अनुसार 5 फरवरी को बैठक के कारण कार्यकर्ता केंद्र नहीं आई थीं और 6 फरवरी को भी अनुपस्थित रहीं।

इस संबंध में सुपरवाइजर अनीता क्रश, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूजा यादव और ज्योति लकड़ा से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जिला परियोजना अधिकारी जे.आर. प्रधान से भी बात नहीं हो पाई।

लखनपुर के एकीकृत महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी असीम शुक्ला ने कहा, इस मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


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