सरगुजा
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री, पांच दिन रहेगी शीतलहर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 6 फरवरी। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पडऩे के बाद उत्तरी सर्द हवाओं के प्रभाव से सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पडऩे लगी है। पाट इलाकों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि अंबिकापुर में यह गिरकर करीब 8.4 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी पांच दिनों तक ठंड का असर बना रह सकता है।
बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से न्यूनतम तापमान बढक़र 11 डिग्री तक पहुंच गया था। मंगलवार को सोनहत सहित संभाग के कुछ इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिसके बाद तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। अब विक्षोभ का असर कम होते ही उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है।
पाट से मैदानी इलाकों तक बढ़ी ठंड
शीतलहर के चलते सरगुजा के पाट इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। शुक्रवार को पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के आसपास बना रहा, वहीं संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में रातें अधिक सर्द हो गई हैं।
एक सप्ताह तक रह सकता है ठंड का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से संभाग में छिटपुट बारिश हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे हैं। उत्तरी सर्द हवाओं के तेज प्रवेश के कारण अगले पांच दिनों तक संभाग मुख्यालय का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बने रहने का पूर्वानुमान है।
हालांकि अधिकतम तापमान में विशेष गिरावट की संभावना नहीं है। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट ने बताया कि आगामी दिनों में नया मौसम तंत्र सक्रिय होने पर न्यूनतम तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। 10 फरवरी के बाद ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।
स्वास्थ्य पर दिख रहा मौसम परिवर्तन का असर
दिन और रात के तापमान में करीब 20 डिग्री तक के अंतर का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पडऩे लगा है। अत्यधिक ठंडी रातों के कारण सर्दी, खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।


