सरगुजा
ध्वजारोहण व केक कटिंग, अध्यात्म को बताया जीवन की आवश्यकता
अंबिकापुर, 5 फरवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, अंबिकापुर में 90वीं शिव जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बलरामपुर सीईओ नयनतारा, अंबिकापुर सीईओ विनय अग्रवाल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी राकेश बघेल, आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी अंबिकापुर की संचालिका बीके विद्या दीदी एवं ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा ध्वजारोहण के पश्चात केक काटकर शिव जयंती दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीईओ नयनतारा ने कहा कि कलयुग में बढ़ती अशांति के बीच अध्यात्म की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। जिस प्रकार शरीर के लिए भोजन और व्यायाम आवश्यक है, उसी प्रकार आत्मा के लिए अध्यात्म रूपी भोजन और अभ्यास आवश्यक है। अध्यात्म से चेतना जागृत होती है, जिससे सही निर्णय लेने और जीवन में सफलता प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
सीईओ विनय अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी केंद्र से जुडऩे पर सहजता का अनुभव होता है। संस्था द्वारा दी जा रही सेवाओं से मन को शांति और संतुष्टि मिलती है, जो समाज के लिए अत्यंत सराहनीय कार्य है।
पुलिस अनुविभागीय अधिकारी राकेश बघेल ने कहा कि योग, तपस्या और सकारात्मक धारणा के माध्यम से वे हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सहजता से कर पाते हैं। वहीं आर्ट ऑफ लिविंग के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि अध्यात्म आत्मा का भोजन है और यह संस्था बाह्य से अंतर्मुखी बनने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर बीके विद्या दीदी ने शिव अवतरण दिवस के महत्व को स्पष्ट करते हुए बताया कि शिवरात्रि वह पर्व है, जब अज्ञानता रूपी अंधकार में डूबी मानवता को निराकार परमात्मा शिव ज्ञान का प्रकाश देकर विकारों से मुक्त होने की राह दिखाते हैं।
उन्होंने कहा कि उपवास का अर्थ केवल भोजन त्यागना नहीं, बल्कि परमात्मा के समीप रहना ही सच्ची शिवरात्रि है।
कार्यक्रम में संस्था से जुड़े सैकड़ों भाई-बहनों की सहभागिता रही। आयोजन का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा से ओतप्रोत रहा।


