सरगुजा
सरगुजा में 10 जनवरी तक प्राथमिक स्कूल बंद, दो पालियों के समय में बदलाव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 6 जनवरी। उत्तर छत्तीसगढ़ इन दिनों कड़ाके की ठंड से कांप रहा है। लगातार चल रही शीतलहर के कारण सरगुजा संभाग के अधिकांश हिस्सों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया है। इसी बीच बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरगुजा जिला प्रशासन ने 10 जनवरी तक प्राथमिक विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। साथ ही दो पालियों में संचालित विद्यालयों के समय में परिवर्तन कर कक्षाएं अब सुबह 9.30 बजे से शुरू होंगी।
कलेक्टर सरगुजा अजीत वसंत के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अत्यधिक ठंड के बीच बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि शिक्षकों को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना होगा।
तापमान में भारी गिरावट, पाट
इलाकों में पाला जमना शुरू
मंगलवार को अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान गिरकर 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैनपाट, सामरीपाट और सोनहत जैसे पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह के समय खेतों, घास और पेड़ों की पत्तियों पर पाला जमते देखा गया। कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी जमने जैसी स्थिति भी बनी रही।
मौसम विभाग के अनुसार आसमान साफ रहने और नमी बढऩे के कारण शीतलहर का असर और तेज हो गया है। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट संभव है, जिससे लोगों को ठंड से और राहत नहीं मिलेगी।
लोग घरों में दुबके
अत्यधिक ठंड के कारण सुबह-सुबह सडक़ों पर सन्नाटा छाया रहता है। लोग सुबह देर तक अलाव तापते और घरों के अंदर ही रहते दिखाई दे रहे हैं। बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम दिख रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सुबह खेतों पर जाने से बच रहे हैं।
स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव
प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के लिए कक्षाएं 10 जनवरी तक स्थगित रहेंगी। शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालय पहले की तरह संचालित होंगे। दो पालियों में चलने वाले स्कूलों का नया समय इस प्रकार तय किया गया है।
प्रथम पाली- सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक, द्वितीय पाली-दोपहर 12.30 बजे से शाम 4 बजे तक तय किया गया है।
यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
बलरामपुर जिले में भी विद्यालय बंद
कड़ाके की ठंड का असर बलरामपुर जिले में भी देखने को मिल रहा है। यहाँ कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ द्वारा प्री-प्राइमरी, प्राथमिक, मिडिल और हाईस्कूल तक के लिए अवकाश घोषित किया गया है। प्राथमिक विद्यालय 8 जनवरी तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
सीएमएचओ कार्यालय की ओर से जारी परामर्श में लोगों को सुबह-शाम आवश्यकतानुसार ही घरों से निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही गर्म कपड़ों का उपयोग,बुजुर्गों व बच्चों की विशेष देखभाल, सर्दी-जुकाम के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क जैसे एहतियाती उपाय अपनाने कहा गया है। इसके साथ ही खुले स्थानों में आग जलाते समय सावधानी रखने तथा धुएं से बचने की सलाह भी दी गई है।
पशुओं के लिए भी खतरा, पशुपालन विभाग की विशेष चेतावनी
शीतलहर का असर पशुधन पर भी पड़ रहा है। डॉ. सी.के. मिश्रा, अतिरिक्त उप संचालक, पशुपालन विभाग अंबिकापुर ने पशुपालकों से पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष सावधानियाँ बरतने की अपील की है।
उन्होंने कहा- पशुओं को प्रतिदिन साफ और ताज़ा पानी उपलब्ध कराएं। रात में पशुओं को खुले स्थान पर न छोड़ें। शेड को सूखा और हवादार रखें।फर्श पर सूखा पुआल या भूसा बिछाया जाए। ठंडी हवा रोकने के लिए दरवाज़ों-खिड़कियों पर पर्दे लगाए जाएँ।कमजोर, बूढ़े और छोटे पशुओं को ढककर रखें। ऊर्जा युक्त आहार व मिनरल मिक्सचर अवश्य दिया जाए।उन्होंने कहा कि इससे पशु स्वस्थ रहेंगे, दूध उत्पादन प्रभावित नहीं होगा और ठंड जनित बीमारियों से बचाव संभव होगा।
जनजीवन पर गहरा असर
ठंड के कारण मजदूर वर्ग, रिक्शा चालकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की दैनिक आय प्रभावित हो रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई घरों में भी सुबह देर तक चूल्हा जलता दिख रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को शरीर को गर्म रखने, पौष्टिक आहार लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।


