सरगुजा

रकबा सुधार के लिए भटकने को किसान मजबूर
08-Dec-2025 10:26 PM
रकबा सुधार के लिए भटकने को किसान मजबूर

केसीसी ऋण चुकाने को लेकर चिंता

लखनपुर, 8 दिसंबर। प्रदेश में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने के बाद भी रकबा कटौती की समस्या के कारण अनेक किसान धान बेच नहीं पा रहे हैं। रकबा सुधार के लिए किसान लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

कुछ दिन पहले रकबा सुधार और अन्य समस्याओं को लेकर किसानों ने नेशनल हाईवे 130 पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कई किसान अब भी रकबा सुधार न होने की स्थिति में धान बेचने में असमर्थ हैं।जानकारी के अनुसार, वनांचल क्षेत्र के किसान अब भी रकबा सुधार के लिए समितियों, पटवारियों और तहसील कार्यालय के बीच चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान उपार्जन केंद्रों में सर्वर की समस्या के कारण टोकन प्राप्त करने में भी दिक्कत आ रही है।

अधिकारियों द्वारा समितियों और पटवारियों को रकबा सुधार के लिए आईडी उपलब्ध कराई गई है। कुछ किसानों का सुधार एग्री-स्टैक प्रणाली के जरिए किया गया है, लेकिन तकनीकी कारणों से कई किसानों का रकबा अब भी अपडेट नहीं हो पा रहा है।

एक पटवारी ने बताया कि कई किसान एग्री-स्टैक कराते हैं, लेकिन जहां पाँच खसरा नंबरों का एग्री-स्टैक कराया गया है, वहां प्रणाली में केवल दो खसरा नंबर ही दिखाई दे रहे हैं। इसके कारण आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।

किसान कुदुर राम, श्रवण राम, विवेक पैकरा, घूरती बाई, रामकरण और कामेश्वर ने कहा कि रकबा सुधार न होने से वे धान उपार्जन केंद्र में बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति से खरीफ फसल हेतु खाद-बीज तथा राशि का ऋण लेने वाले किसानों का कहना है कि रकबा सुधार न होने की स्थिति में केसीसी ऋण चुकाने में समस्या उत्पन्न हो रही है। उनका आग्रह है कि ऋण चुकाने की तिथि तक रकबा सुधार की प्रक्रिया पूरी की जाए।

ताकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से राशि जमा न करनी पड़े।

प्रशासन ने कहा है कि रकबा सुधार संबंधी तकनीकी समस्याओं को दूर करने की प्रक्रिया जारी है।


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