सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,11 जनवरी। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत सरगुजा पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना बतौली पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से छह रास भैंसों को जब्त कर उन्हें सुरक्षित कराया है। पुलिस द्वारा यह कार्रवाई पशुओं के प्रति क्रूरता पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वनाथ यादव, पोकसरी थाना बतौली ने 10 जनवरी को थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि ग्राम भटको लगरू चौक के पास तेजू बरगाह, शिवरचन नगेशिया और मुनेश बरगाह छह रास भैंसों को मारते-पीटते, दौड़ाते हुए, भूखे-प्यासे और निर्दयता पूर्वक पैदल हांकते हुए तस्करी कर बुचडख़ाना ले जा रहे थे। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बतौली में अपराध क्रमांक 05/26 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को पकडक़र पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपने नाम तेजू बरगाह, शिवरचन नरोशिया और मुनेश बरगाह सभी निवासी पाटीपारा थाना दरिमा बताए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पाटीपारा से छह रास भैंसों को कठरापारा निवासी नवरतन बरगाह के कहने पर बुचडख़ाना ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह रास मवेशी जब्त किए।
आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल चौथे आरोपी नवरतन बरगाह निवासी शिवनाथपुर थाना सीतापुर को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने भी छह रास मवेशियों को बुचडख़ाना ले जाने की बात स्वीकार की। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।


