सरगुजा

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की अटूट आस्था और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक -सिसोदिया
11-Jan-2026 8:59 AM
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की अटूट आस्था और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक -सिसोदिया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता-

अंबिकापुर, 10 जनवरी। सोमनाथ मंदिर पर वर्ष 1026 में हुए पहले अभिलिखित आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व को भारत की अटूट आस्था, सांस्कृतिक स्वाभिमान और सनातन चेतना के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक ऐतिहासिक स्मरण नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा, आस्था और पुनर्जागरण का उत्सव है।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी सरगुजा के कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के विभिन्न मंदिरों में पहुँचकर भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजन एवं आरती कर राष्ट्र, समाज और धर्म की अखंडता के लिए प्रार्थना की गई।

इसी क्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के आह्वान पर जिले के सभी भाजपा मंडल स्थित शिव मंदिरों में जलाभिषेक एवं आरती की गई, इसी क्रम में अम्बिकापुर महामाया मंडल एवं समलाया मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जोड़ा पीपल एवं सत्तीपारा स्थित मंदिरों में भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की।

सोमनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, अस्मिता और अदम्य साहस का प्रतीक है। बार-बार आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ का पुनर्निर्माण यह संदेश देता है कि भारत की आस्था को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। स्वाभिमान पर्व हमारी आने वाली पीढिय़ों को सांस्कृतिक चेतना से जोडऩे का माध्यम है।

इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष एवं भाजपा कोरिया जिला प्रभारी ललन प्रताप सिंह ने कहा कि सोमनाथ का इतिहास भारत के संघर्ष, धैर्य और पुनर्जागरण की गाथा है। यह पर्व हमें स्मरण कराता है कि जब-जब आस्था पर प्रहार हुआ, तब-तब भारत ने और अधिक मजबूती के साथ स्वयं को खड़ा किया।

वहीं जगदलपुर संभाग सह प्रभारी हरपाल सिंह भामरा ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रवादी चेतना को सशक्त करने वाला पर्व है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सनातन मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधते हैं।

इस अवसर पर जिला महामंत्री विनोद हर्ष, पूर्व महामंत्री अभिमन्यु गुप्ता, हरमिंदर सिंह टिन्नी, इंदर भगत, विकास पांडेय, मधु चौदहा, निलेश सिंह, मनीष सिंह, जन्मजेय मिश्रा, रूपेश दुबे, कमलेश तिवारी, शशिकांत जायसवाल, राकेश गुप्ता, सावित्री जायसवाल, संजीव वर्मा, रामप्रवेश पांडे, निरंजन राय, रमेश जायसवाल, विशाल गोस्वामी, ममता तिवारी, आलोक दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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