सरगुजा

बेमुद्दत कार्य बहिष्कार पर चले गए अधिवक्ता, मंत्री राजेश और सिंहदेव का मिला समर्थन
07-Nov-2025 9:53 PM
बेमुद्दत कार्य बहिष्कार पर चले गए अधिवक्ता, मंत्री राजेश और सिंहदेव का मिला समर्थन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 7 नवंबर। जिला अधिवक्ता संघ, सरगुजा (अंबिकापुर) की संघर्ष समिति द्वारा लिए गए सर्वसम्मत निर्णय के अनुसार 7 नवम्बर से संघ से पंजीकृत सभी अधिवक्तागण अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। यह निर्णय न्यायालय भवन को वर्तमान स्थल पर ही निर्मित किए जाने की जनभावना और अधिवक्ता समुदाय की दीर्घकालिक मांग को लेकर लिया गया है।

संघ द्वारा आयोजित इस आंदोलन को आज सरगुजा की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं शासकीय संगठनों का अभूतपूर्व समर्थन प्राप्त हुआ। आंदोलन स्थल पर पहुँचकर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, गुरु सिंह सभा अंबिकापुर, सर्व ब्राह्मण सभा सरगुजा, कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन तथा आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों एवं उपस्थित पक्षकारों ने मंच से अधिवक्ताओं की मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि न्यायालय भवन को वर्तमान स्थल पर ही बनाना न्यायिक दृष्टि से भी उचित है तथा यह अंबिकापुर की जनता की भावनाओं के अनुरूप निर्णय होगा।

नेताओं एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिवक्ताओं की एकजुटता और जनहित में उनके संघर्ष की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ता वर्ग समाज का बौद्धिक मार्गदर्शक है और जब न्याय के प्रहरी स्वयं सडक़ पर उतरते हैं, तो यह संकेत होता है कि प्रशासन को अपनी नीति और निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

आंदोलन स्थल पर पूरे दिन उत्साह, अनुशासन और एकता का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। भारी संख्या में अधिवक्ता एवं आमजन आंदोलन में शामिल हुए और  ‘न्यायालय भवन वर्तमान स्थल पर ही बनेगा ’ के नारों से संपूर्ण परिसर गूंज उठा।

अधिवक्ताओं ने यह स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि जनसुविधा, पारदर्शिता और न्यायिक गरिमा की रक्षा हेतु है।

संघ के अध्यक्ष अनिल सोनी ने बताया कि जिला न्यायालय का वर्तमान स्थान वर्षों से न्यायिक कार्यप्रणाली के लिए उपयुक्त सिद्ध हुआ है। यहाँ अधिवक्ताओं, आम नागरिकों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

अत: भवन के स्थानांतरण का प्रस्ताव जनविरोधी, अव्यावहारिक और न्यायिक दृष्टि से प्रतिकूल है।

संघ की संघर्ष समिति ने यह भी घोषणा की है कि जब तक शासन-प्रशासन द्वारा न्यायालय भवन को वर्तमान स्थल पर ही निर्मित किए जाने संबंधी लिखित एवं औपचारिक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अधिवक्ता समुदाय अनिश्चितकाल तक न्यायिक कार्य से विरत रहेगा। संघ ने सभी अधिवक्ताओं एवं नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस जनहित आंदोलन में एकजुट होकर सहयोग दें, ताकि सरगुजा में न्याय की व्यवस्था सुचारु, सुलभ और सम्मानजनक बनी रहे।


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