सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 2 जून। कोल माइंस आफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया अधिकारियों के संगठन सीएमओएआई के एसईसीएल शाखा चुनाव को लेकर चल रही गतिविधियों के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। संगठन की शीर्ष इकाई सीएमओएआई एपेक्स ने फंड दुरुपयोग के आरोपों की जांच पूरी होने तक चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करने तथा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओएआई एपेक्स के महासचिव सर्वेश सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बिश्रामपुर उपशाखा के सचिव अमरेंद्र नारायण द्वारा संगठन के फंड के कथित दुरुपयोग को लेकर उठाए गए मुद्दों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट अंतिम रूप से प्रस्तुत होने तक एसईसीएल शाखा के चुनाव संबंधी किसी भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार, बिश्रामपुर उपशाखा की ओर से संगठन के वित्तीय लेन-देन और फंड उपयोग को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एपेक्स नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया और जांच पूरी होने तक स्थिति यथावत रखने के निर्देश जारी किए।
पत्र में सीएमओएआई संविधान की धारा 7, उपधारा 7.1 (बी) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि शाखा चुनाव कार्यक्रम तय करने का अधिकार केवल सीईसी एपेक्स को प्राप्त है, जबकि उपशाखाओं के चुनाव का निर्णय संबंधित शाखा द्वारा लिया जाता है। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा शाखा चुनाव अथवा नई कार्यकारिणी के गठन से संबंधित लिया गया निर्णय संगठन के संविधान के अनुरूप नहीं माना जाएगा और उसे शून्य एवं निरस्त समझा जाएगा।
एपेक्स के इस निर्देश के बाद संगठन के भीतर चुनावी गतिविधियों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अधिकारियों और पदाधिकारियों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, क्योंकि उसके निष्कर्ष संगठन की आगामी रणनीति और नेतृत्व चयन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
महासचिव सर्वेश सिंह ने पत्र में एसईसीएल शाखा के अध्यक्ष एवं महासचिव को संगठन के संविधान और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा जांच पूरी होने तक आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं
। इस घटनाक्रम के बाद सीएमओएआई एसईसीएल शाखा के चुनाव को लेकर माहौल और अधिक गर्म हो गया है।


