सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 22 फरवरी। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की गायत्री, आमगांव और अमेरा खदानों से हो रही कोयला चोरी पर प्रबंधन की सख्ती के बावजूद अंकुश नहीं लग पा रहा है। शनिवार तडक़े क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी अमरेंद्र नारायण अपनी टीम के साथ गायत्री खदान पहुंचे, जहां औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में चोरी का कोयला बरामद किया गया।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा टीम ने पाया कि कई लोग कोल स्टॉक से कोयला बोरियों में भरकर बाइक, साइकिल और कंधे पर ढोकर ले जा रहे थे। टीम के जवानों ने घेराबंदी कर जब उन्हें पकडऩे का प्रयास किया तो अधिकांश लोग साइकिल और कोयले की बोरियां छोडक़र मौके से फरार हो गए। इसके बाद सुरक्षा अधिकारी ने खदान के मजदूरों को बुलवाकर जब्त करीब 40 बोरी कोयले को लोडर के माध्यम से वापस स्टॉक में रखवाया।
गौरतलब है कि चार दिन पहले आमगांव खदान में क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कोयला चोरों को पकडक़र कड़ी हिदायत दी थी। इसके अगले ही दिन आधा दर्जन कोयला चोरों और 10 बाइक को पकडक़र रामानुजनगर पुलिस के हवाले किया गया था। बावजूद इसके कोयला चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप
गायत्री खदान के मैनेजर जेडी सिंह ने बताया कि खदान से लगातार हो रही कोयला चोरी की शिकायत वीडियो फुटेज के साथ कोतवाली पुलिस को दी जा रही है, लेकिन पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि पुलिस नामजद शिकायत की मांग करती है, अन्यथा आवेदन वापस ले जाने को कहती है। पुलिस के इस रवैए से प्रबंधन हैरान और परेशान है।
प्रबंधन का कहना है कि पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो पा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा, आमगांव और गायत्री खदानों से प्रतिदिन लगभग 150 से 200 टन उत्पादित


