सूरजपुर
गलत कार्यों से दूर रह नई शुरुआत करें -एसएसपी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 20 फरवरी। जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं छत्तीसगढ़ द्वारा युवा बंदियों के पुनर्वास के उद्देश्य से ‘निश्चय’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के बंदियों को पुन: अपराध की राह पर लौटने से रोकना तथा उन्हें कौशल विकास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करना है। उक्त बातें कलेक्टर सूरजपुर एस. जयवर्धन एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिला जेल सूरजपुर पहुंचकर विचाराधीन बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने बंदियों के पुनर्वास, सकारात्मक सोच के विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन पर जोर दिया।
इस अवसर पर कलेक्टर जयवर्धन ने कहा कि जेल की चारदीवारी को केवल दंड का स्थान न मानकर उसे सुधार गृह के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने बंदियों को अच्छे कार्य सीखने, गलत गतिविधियों से दूर रहने और अपने व्यवहार में सुधार लाने की प्रेरणा दी। साथ ही योग, ध्यान एवं काउंसलिंग सत्रों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि ‘निश्चय’ कार्यक्रम युवा बंदियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक पहल है, जो शिक्षा, कौशल विकास, संस्कार और स्वास्थ्य पर केंद्रित है। उन्होंने बंदियों से कहा कि अतीत की गलतियों को पीछे छोडक़र सकारात्मक सोच के साथ नई शुरुआत करें तथा समाज में लौटने के बाद युवाओं को अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। जिला जेल अधीक्षक अक्षय तिवारी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक जेल छत्तीसगढ़ हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बंदियों को कानून का पालन करने, अपराध से दूर रहने तथा समाज का उपयोगी नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नियमित रूप से योग, आर्ट ऑफ लिविंग एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में कौशल विकास के विभिन्न प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे, जिससे रिहाई के बाद बंदी आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम में विचाराधीन बंदी एवं जेल स्टाफ उपस्थित रहे।


