सूरजपुर

सूरजपुर आरटीओ कार्यालय में मनमानी, सैकड़ों फाइलें लंबित, आमजन परेशान
29-Jan-2026 11:22 PM
सूरजपुर आरटीओ कार्यालय में मनमानी, सैकड़ों फाइलें लंबित, आमजन परेशान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 29 जनवरी। जिला परिवहन कार्यालय सूरजपुर में कर्मचारियों की कमी और कथित मनमानी के कारण वाहन पंजीयन, आरसी जारी करने सहित अन्य परिवहन संबंधी कार्यों में देरी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आम नागरिकों और वाहन शोरूम संचालकों का कहना है कि कार्यालय में सीमित स्टाफ होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सूरजपुर जिला परिवहन कार्यालय में एक परिवहन अधिकारी और एक लिपिक पदस्थ हैं। बताया जा रहा है कि दोनों का गृह जिला रायपुर होने के कारण वे रायपुर-सूरजपुर के बीच आवागमन करते हैं, जिससे कार्यालय की नियमित उपस्थिति प्रभावित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे कार्यालय का काम सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है।

कुछ शोरूम संचालकों और नागरिकों का आरोप है कि सप्ताह के कुछ दिनों में कार्यालय में कार्य नहीं हो पाता। उनका कहना है कि शुक्रवार के बाद कई बार अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहते, जबकि मंगलवार को टीएल मीटिंग के कारण काम प्रभावित होता है। इसके चलते पूरे सप्ताह में सीमित दिनों में ही कामकाज हो पाता है।

वाहन शोरूम संचालकों के अनुसार, अगस्त 2025 के बाद से फाइलों के निपटारे की गति धीमी हो गई है। उनका कहना है कि समय पर दस्तावेज जमा करने के बावजूद आरसी और अन्य कार्यों से संबंधित फाइलें कई महीनों तक लंबित रहती हैं। अन्य परिवहन सेवाओं में भी देरी की शिकायतें की जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, सूरजपुर आरटीओ कार्यालय में हर माह लगभग 700 से 800 नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पंजीयन से संबंधित फाइलें आती हैं। लेकिन सीमित स्टाफ के कारण इनका समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा, जिससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।

दोपहिया और चारपहिया वाहन शोरूम संचालकों का कहना है कि उन्हें ग्राहकों को लगातार जवाब देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे कलेक्टर से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर परिवहन कार्यालय में ध्वजारोहण के दौरान परिवहन अधिकारी और लिपिक की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे। बाद में चिप्स प्रभारी आनंद तिवारी ने परिवहन कार्यालय के एजेंटों के साथ ध्वजारोहण किया था। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई। इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी योगेश भंडारी से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।


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