सुकमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 4 नवंबर। जिला सुकमा में सुरक्षाबलों को एंटी नक्सल अभियान के अंतर्गत एक बड़ी सफलता मिली है। जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम ने गोमगुड़ा क्षेत्र के घने जंगल में नक्सलियों द्वारा संचालित अवैध हथियार निर्माण इकाई का पता लगाकर उसे नष्ट कर दिया।
सुकमा पुलिस के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान मौके से 17 रायफल, हथियार निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न मशीनें एवं उपकरण, गन पार्ट्स तथा विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री नक्सलियों की सशस्त्र क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, जिले में नक्सल उन्मूलन के लिए नई रणनीति के साथ सतत कार्रवाई की जा रही है। पिछले एक वर्ष में 545 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, 454 माओवादी गिरफ्तार किए गए, 64 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए। प्रशासन का कहना है कि निरंतर ऑपरेशनों के कारण नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है।
पुलिस अधीक्षक सुकमा ने बताया कि हमारा उद्देश्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास सुनिश्चित करना है। जो भी हथियार छोडक़र समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता है, उसे शासन की पुनर्वास नीति के अनुसार हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
हिंसा छोडक़र मुख्यधारा से जुड़ें-सुकमा पुलिस ने भटके हुए नक्सलियों से समर्पण कर पुनर्वास नीति का लाभ लेने की अपील की है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सुरक्षित वापसी और सम्मानजनक जीवन का अवसर प्रदान किया जाएगा। पुनर्वास के अंतर्गत आर्थिक सहायता, रोजगार एवं परिवार के लिए सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी।


