सुकमा
कुपोषण और एनीमिया के विरुद्ध जागरूकता अभियान जारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 3 जनवरी। छत्तीसगढ़ शासन के 25 वर्ष और वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर, 1 जनवरी 2026 से राज्य के 8 चयनित जिलों में ‘सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान’ का शंखनाद किया गया है। सुकमा जिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका सुकमा के अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम तथा पार्षदगण उपस्थित थे।
अभियान का लक्ष्य: कुपोषण मुक्त बचपन और स्वस्थ मातृशक्ति
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालना और 15 से 45 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया (खून की कमी) के स्तर में सुधार लाना है। प्रशासन का विजन केवल सरकारी हस्तक्षेप तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी के जरिए एक सामाजिक आंदोलन बनाने की तैयारी है। 6 माह से 3 वर्ष के गंभीर व मध्यम कुपोषित बच्चे और उच्च जोखिम वाली गर्भवती माताओं पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा और परिवारों में पोषण के प्रति जागरूकता लाना इसका प्रमुख उद्देश्य है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ‘चिरायु’, ‘एनीमिया मुक्त भारत’ और ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ का एकीकृत लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाना।
स्थानीय नेतृत्व और सामुदायिक सहभागिता
गुरुवार 1 जनवरी को शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह और ‘सुपोषण दूत’ इस अभियान में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी शिवदास नेताम, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।


